पिछले एक महीने से बंद इमामबाड़े को तत्काल रूप से खुलवाने को लेकर हाइकोर्ट की लखनऊ ब्रांच ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। लखनऊ के बड़े और छोटे इमामबाड़े की तालाबंदी तत्काल खुलवाने के लिए डीएम और एसपी को आदेश दिए है।
गौरतलब है कि पिछले एक महीने से शिया धर्मगुरु कल्बे जव्वाद और उनके समर्थकों ने इमामबाड़े को बंद करवा रखा है। मंगलवार को एक पीआईएल पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने ये फैसला सुनाया। मसरत हुसैन ने हाइकोर्ट में ये पीआईएल दाखिल किया था।
शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी की नियुक्ति को लेकर पिछले कई दिनों से मौलाना कल्बे जव्वाद के साथ ही उनके समर्थक भी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
मौलाना कल्बे जव्वाद ने इमामबाड़े को इबादत की जगह बताया था। जव्वाद ने इमामबाड़े को वक्फ बोर्ड को सौंपने की बात भी कही थी।
साथ ही मौलाना कल्बे जव्वाद सपा सरकार के कद्दावर नेता आजम खां का भी विरोध करते रहे हैं। शिया वक्फ बोर्ड में जब वसीम रिजवी को चैयरमैन बनाने को लेकर भी ये विरोध चल रहा है।
पिछले एक महीने से चल रही इमामबाड़े की इस तालाबंदी के बाद पर्यटन विभाग को भी काफी नुकसान झेलना पड़ा है। लखनऊ आने वाले पर्यटक भी निराश होकर लौट रहे हैं।