70-80 नहीं, इस बार शहर में पूरे एक सौ ग्यारह फीट ऊंचा दशानन हुंकार भरेगा।
भगवान श्रीराम एक के बाद एक 31 बाणों से इसका दंभ निकालेंगे। रावण मरने से पहले कुछ संवाद भी बोलेगा साथ ही बाणों से बचने के लिए अपने भीमकाय हाथ-पैर भी चलाएगा।
इतना ही नहीं आधे घंटे के इस राम-रावण युद्ध के दौरान भगवान श्रीराम द्वारा चलाए गए बाणों को दर्शक डिजिटल तकनीक से साफ-साफ देख भी सकेंगे।
दशहरे को लेकर कुछ ऐसी ही तैयारियां चल रही है शहर की सबसे प्राचीन रामलीला समिति, ऐशबाग की।
रामलीला मैदान में भरने वाले दशहरे मेले में इस बार भगवान श्रीराम चलते-फिरते एक सौ ग्यारह फीट ऊंचे रावण का वध करेंगे।
इतने विशालकाय रावण को बनाए जाने का ब्लूप्रिंट लगभग तैयार हो चुका है और जल्द ही इसे बनाना शुरू कर दिया जाएगा। आयोजकों का दावा है कि ये नगर का ही नहीं, सूबे का सबसे हाईटेक और ऊंचा रावण होगा।
ऐशबाग रामलीला समिति हर बार की तरह इस बार भी कुछ अलग करने जा रही है। पिछली बार की अपेक्षा इस बार समिति का दशानन का वध ज्यादा हाईटेक और भव्य रहेगा।
समिति अध्यक्ष हरीशचंद्र अग्रवाल ने बताया कि इस बार समिति नगर का सबसे बड़ा रावण बनाने जा रही है। इसकी ऊंचाई 111 फीट की रहेगी।
उन्होंने बताया कि रावण तैयार करने के लिए तकनीक का पूरा इस्तेमाल किया जाएगा ताकि रावण मंच पर श्रीराम के बाणों से बचने का प्रयास करते नजर आए।
साथ ही वो डायलॉग भी बोलेगा। इसके लिए कारीगरों ने पूरा प्लान बना लिया है। रामलीला मंचन डिजिटल होने के चलते मंच, पर्दे पर तो तकनीकी दिखेगी।
साथ ही रावण दहन में भी तकनीकी दिखाई देगी जब भगवान राम रावण का वध करेंगे तो लोगों को साफ-साफ लगभग 100 फीट की दूरी से 31 बाण जाते दिखाई देंगे।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा परंपरागत रूप से 50 फीट का कुंभकरण और 45 फुट का मेघनाद भी बनेगा। खर्च के बारे में उन्होंने बताया कि फिलहाल लागत लाखों में आंकी जा रही है।