भारतीय जनता पार्टी ने नगर विकास मंत्री मो. आजम खां के बयान पर अखिलेश सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए सवाल किया कि प्रदेश में 1947 के बाद के मंजर के लिए जिम्मेदार कौन है?
केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने स्वयं कहा है कि दंगों को लेकर राज्य सरकार को पूर्व में ही चेताया गया था, फिर भी अखिलेश सरकार दंगे रोकने में नाकाम रही।
भाजपा ने कहा है कि जब केंद्र को पता है कि अखिलेश सरकार की प्रशासनिक विफलता से दंगे हुए तो कार्रवाई में हिचक क्यों?
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि मुजफ्फरनगर दंगे में प्रशासनिक विफलता से कई बेगुनाह मारे गए। जवाबदेही से बचने के लिए नित नई परिभाषा गढ़ी जा रही है।
गोधरा कांड के एक दशक बाद भी नरेंद्र मोदी को लेकर सवाल खड़े करने वाले तथाकथित सेक्यूलरवादी दल अब चुप क्यों है?
उन्होंने कहा कि आजम खां स्वयं कह रहे हैं कि आजादी के बाद का पहली बार ऐसा मंजर मुजफ्फरनगर दंगे में देखने को मिला और यह गुजरात के बाद का सबसे बड़ा दंगा था।
पर शायद वह भूल गए कि दंगा ग्रस्त जिले के प्रभारी मंत्री वही है और जवाबदेही भी उनकी बनती है।