सूबे में एक लाख हाई रिस्क गर्भवती महिलाएं मिली हैं। इन्हें पिछले दिनों चलाए गए मातृत्व सप्ताह के दौरान चिह्नित किया गया है।
इनका सुरक्षित प्रसव कराना स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती है। विभाग इसके लिए रणनीति बनाने में जुट गया है।
मातृ व शिशु मृत्यु दर में सुधार के लिए चलाए गए इस अभियान में करीब 14 लाख गर्भवती महिलाओं को चिह्नित किया गया। इनमें से एक लाख महिलाएं ऐसी हैं जिनकी हाई रिस्क प्रेग्नेंसी है।
यह कुल मिली गर्भवती महिलाओं का करीब साढ़े सात फीसदी है। प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अरविंद कुमार ने बताया कि मातृत्व सप्ताह का सारा डाटा जुटाया जा रहा है।
चिह्नित महिलाओं का सुरक्षित प्रसव कराने के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। प्रसव से पहले इन सभी के टीकाकरण के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि सबसे पहले यह डाटा तैयार किया जा रहा है कि किस महिला के प्रसव की क्या तिथि है।
यह डाटा तैयार होने के बाद प्रत्येक महिला के केस का फॉलोअप किया जाएगा। महिला जहां रहती हैं उनके पास के ही अस्पताल में उनका सुरक्षित प्रसव कराने के इंतजाम किए जा रहे हैं।