राज्य कर्मियों की 11 दिन की हड़ताल के बाद शनिवार को ऑफिस खुल गए, लेकिन रौनक नहीं लौटी। शनिवार होने के कारण ज्यादातर विभागों के मुख्यालय बंद ही रहे।
जिला स्तर के जो ऑफिस खुले उनमें भी उपस्थिति बहुत कम थी। अब सोमवार से ही ऑफिसों में रौनक लौटेगी।
एक ओर सोमवार से जहां सभी ऑफिस पूरी तरह खुल जाएंगे वहीं राज्य कर्मचारी अधिकार मंच के नेता भी ऑफिसों में सभाएं करेंगे।
इसमें वे हड़ताल स्थगित करने से लेकर समझौते तक के बिंदुओं को कर्मचारियों के समक्ष रखेंगे। राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि सोमवार से एक सप्ताह तक ऑफिसों में यह सभाएं की जाएंगी।
कर्मचारियों को यह बताया जाएगा कि किन बिंदुओं को लेकर सरकार से समझौता हुआ है। इन मांगों की पूर्ति कब तक हो जाएगी। अगर मांग नहीं मानी गई तो आगे की रणनीति क्या होगी।
उधर, 11 दिनों की हड़ताल के बाद शनिवार को कर्मचारी नेताओं ने भी अपनी खुमारी उतारी। ज्यादातर कर्मचारी नेता सुबह देर से उठे और अपने परिवारों को भी समय दिया।
राज्य कर्मचारी अधिकार मंच के प्रवक्ता मनोज श्रीवास्तव कहते हैं कि, ‘काफी दिनों बाद आज परिवार के साथ नाश्ता करने का मौका मिला है।
हर दिन सुबह व शाम का कोई पता ही नहीं रहता था।’ मंच के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भूपेश अवस्थी कहते हैं कि ‘आज पूरा दिन फोन पर ही बीता। जिलों के कर्मचारी नेताओं को भी हड़ताल खत्म होने की जानकारी दी गई।’
हड़ताल अवधि को ईएल में तब्दील करने पर कहासुनी
हड़ताल के बाद शनिवार को जब ऑफिस खुले तो कई जगह कर्मचारियों की वहां के अफसरों से कहा-सुनी हो गई। कर्मचारी हड़ताल अवधि को उपार्जित अवकाश (ईएल) में तब्दील करने की मांग कर रहे थे। अधिकारियों ने कहा कि जब तक सरकार की ओर से शासनादेश नहीं आ जाता है तब तक वे ऐसा नहीं कर सकते हैं।
कर्मचारियों का कहना था कि हड़ताल अवधि को ईएल में ही तब्दील किया जाता है। राज्य कर्मचारी अधिकार मंच के अध्यक्ष अजय सिंह कहते हैं कि इस मसले को लेकर शीघ्र ही सरकार से वार्ता की जाएगी।