लखनऊ। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ दाखिल याचिका में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने कुलपति को प्रतिउत्तर हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करने वाले डाॅ. हैदर मेहंदी ने कहा है कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने कुलपति पद पर बैठे प्रोफेसर एनबी सिंह को डिबार लिस्ट में रखा था। एआईसीटीई के निर्णय के बाद प्रोफेसर को कुलपति कैसे बनाया जा सकता है।
न्यायमूर्ति रंजन रॉय और न्यायमूर्ति ब्रजराज सिंह की खंडपीठ ने याचिका की सुनवाई के बाद 14 नवंबर को यह आदेश सुनाया था। अदालत ने कुलपति को जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। याची ने कुलपति की योग्यता पर सवाल उठाया है। याचिका में कहा गया है कि कुलपति एनबी सिंह कुलपति बनने की आवश्यक अर्हता को पूरा नहीं करते हैं।