न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव की खंडपीठ ने प्रशासन से यह उम्मीद भी जताई कि बार एसोसिएशन के सदस्यों को बेमतलब परेशान नहीं किया जाएगा। यह आदेश बार एसोसिएशन अमेठी की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर दिया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि एसडीएम गौरीगंज द्वारा वकील उमाशंकर मिश्रा के घर को गिराने की कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। मामले में अगली सुनवाई बुधवार को नियत करते हुए विवादित जमीन पर यथास्थिति बनाए रखने और मुख्य स्थायी अधिवक्ता को निर्देश प्राप्त कर जवाब देने का आदेश दिया।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव की खंडपीठ ने प्रशासन से यह उम्मीद भी जताई कि बार एसोसिएशन के सदस्यों को बेमतलब परेशान नहीं किया जाएगा। यह आदेश बार एसोसिएशन अमेठी की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर दिया। इसमें आरोप लगाया गया है कि अमेठी का जिला व पुलिस प्रशासन वकीलों का शोषण कर रहा है।