हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने प्रदेश के तीन प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों द्वारा नीट 2016 में शामिल हुए 208 एमबीबीएस विद्यार्थियों के एडमिशन को रद्द करने के मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के निर्णय को खारिज कर दिया है।
इन विद्यार्थियों के एडमिशन कॉलेजों ने अपने स्तर पर काउंसलिंग के जरिए दिए थे, जबकि केंद्रीयकृत काउंसलिंग एसजीपीजीआई लखनऊ में आयोजित की गई थी।
ऐसे में डायरेक्टर जनरल ऑफ मेडिकल एजूकेशन ने इन विद्यार्थियों के नाम एडमिशन पाए विद्यार्थियों की सूची में शामिल नहीं किया था। हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में कहा, एडमिशन के दौरान एमसीआई द्वारा निर्धारित मानकों का पालन हुआ है, सुप्रीम कोर्ट अपने निर्णयों में मेरिट के सामने प्रशासकीय त्रुटि को बाधा मानने से इन्कार कर चुकी है।
इस मामले में तीनों प्राइवेट कॉलेजों ने तीन याचिकाएं दायर की थी। इनमें सरस्वती मेडिकल कॉलेज ने 38, वेंकटेश्वरा इंस्टीट्यूट ने 104 और कृष्णमोहन मेडिकल कॉलेज ने 66 विद्यार्थियों को अपने एमबीबीएस कोर्स में एडमिशन दिया था।