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अयोध्या ट्रस्ट जमीन धोखाधड़ी मामला: एफआईआर में दखल से हाईकोर्ट का इनकार, याची को अग्रिम जमानत लेने की दी छूट

Fri, 18 Sep 2026 10:07 PM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

अयोध्या ट्रस्ट जमीन धोखाधड़ी मामले में एफआईआर में दखल से हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया। कोर्ट ने याची को अग्रिम जमानत लेने की छूट दी है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ।
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विस्तार
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हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने अयोध्या स्थित महर्षि रामायण विद्यापीठ ट्रस्ट की जमीनों से जुड़े कथित धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के आरोपों के मामले में दर्ज एफआईआर में दखल देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने एफआईआर रद्द करने की मांग वाली याचिका निस्तारित करके याची गोपाल मिश्र को कानून के तहत अग्रिम जमानत के लिए अदालत जाने की छूट दी है।

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न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्र की खंडपीठ ने यह आदेश गोपाल मिश्र की याचिका पर दिया। याची का कहना था कि मूल रूप से यह मामला दीवानी प्रकृति का है। ऐसे में एफआईआर को चुनौती देकर गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की गई थी। 

उधर, ट्रस्ट के वकील ने याचिका का विरोध करके दलील दी कि मामले में सिर्फ संपत्ति का दीवानी विवाद नहीं है, बल्कि दस्तावेजों और जमीन के लेन देन से जुड़े आपराधिक कृत्यों के भी आरोप हैं। ऐसे में जांच में दखल न देने की दलील दी।
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एफआईआर के मुताबिक, मांझा बरहटा की जमीन को लेकर वर्ष 1984 में गोपाल मिश्र ने मुख्तरनामा के आधार पर खुद को अपने पिता का एकमात्र वारिस बताकर बैनामा कराया था। इसके बाद मंगला मिश्र ने खुद को गोपाल मिश्र का सगा भाई बताते हुए जमीन के आधे हिस्से पर दावा किया। इस मामले में विवाद होने पर ट्रस्ट के प्रतिनिधि ने अयोध्या कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है।

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