हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राज्य सरकार से पूछा है कि सूबे के 12
जिलों की तहसीलों में ग्राम न्यायालयों की स्थापना अभी तक क्यों नहीं हुई
और यह प्रक्रिया कितने दिन में पूरी होगी।
कोर्ट ने इस मामले की अगली
सुनवाई 9 सितंबर को नियत की है।
हाईकोर्ट के
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डॉ. धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति
देवेंद्र कुमार उपाध्याय की खंडपीठ ने यह आदेश हरदोई की संडीला तहसील बार
एसोसिएशन की पीआईएल पर दिया।
याची एसोसिएशन के अधिवक्ता फारूख अहमद के
मुताबिक राज्य सरकार ने 23 मई 2014 को संडीला समेत सीतापुर की सिधौली,
फैजाबाद की बीकापुर, गोंडा की करनैलगंज, आजमगढ़ की लालगंज, बुलंदशहर की
डिबाई, बलिया की बेलथरा रोड, एटा की अलीगंज, फीरोजाबाद की जसराना, कन्नौर
की तिर्वा, कासगंज की पटियाली और ललितपुर की तालबेहठ तहसीलों में ग्राम
न्यायालय बनाने संबंधी अधिसूचना जारी की थी।
इन तहसीलों में अब तक ग्राम
न्यायालय की स्थापना नहीं हो पाई है।
इस पर याची एसोसिएशन ने याचिका दायर
कर संडीला तहसील में ग्राम न्यायालय स्थापित कर यहां सिविल जज (जूनियर
डिवीजन) की तैनाती किए जाने की गुजारिश की थी।