इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ के नए भवन का उद्घाटन शनिवार को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर ने किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि वालिद के साथ अब मैं भी कह सकता हूं, लखनऊ का प्रोडक्ट हूं। उन्होंने बिल्डिंग की खूबसूरती की तारीफ करते हुए कहा, काश ऐसी बिल्डिंग दिल्ली में होती।
इस मौके पर उन्होंने लखनऊ की तहजीब और जुबान उर्दू की तारीफ की। उन्होंने कहा कि यहां की शाम खूबसूरत है तो गाली भी खूबसूरत दी जाती है। उन्होंने बताया जब उनके पिताजी लखनऊ विवि से एलएलबी करने आए तो उन्होंने बताया कि लखनऊ ऐसी जगह है जहां मां-बहन की गाली भी तहजीब के साथ दी जाती हैं।
इसके साथ ही कहा कि अब यह हमारे ख्वाबों का लखनऊ नहीं है। वह अवध भी नहीं है जिसकी शामें हसीन होती थीं। उन्होंने कहा, वक्त के सामने चाल न चले तो बदलना चाहिए। उन्होंने कहा, मैं पुराने लखनऊ को अजीज मानूंगा।
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जस्टिस चंद्रचूड़़ ने भी हिंदी में रखी दिल की बात
- फोटो : arjun sahu, amar ujala
इस दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डी. वाई चंद्रचूड़ ने भी हिंदी में अपने विचार रखे। उन्होंने कहा, आज ऐतिहासिक मौका है। मैं खुद को खुशनसीब मानता हूं।
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कार्यक्रम में मौजूद रहे राज्यपाल
- फोटो : arjun sahu, amar ujala
सुबह साढ़े नौ बजे से दोपहर एक बजे तक चलने वाले इस कार्यक्रम में राज्यपाल राम नाईक, इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ. डीवाई चंद्रचूड़, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी, पूर्व मुख्य न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन, जस्टिस आरके अग्रवाल, हाईकोर्ट के न्यायाधीशगण तथा अन्य विशिष्टजन भी उपस्थित रहे।