राजधानी में बाघ की दहशत बढ़ गई है। माल इलाके के गोधन गांव में बुधवार दोपहर ज्वार के खेत में करीब दो सौ मीटर मवेशी को घसीटकर शिकार किए जाने के निशान मिले हैं।
माना जा रहा है कि करीब डेढ़ क्विंटल वजनी मवेशी का शिकार बाघ ही कर सकता है। बृहस्पतिवार से इलाके में कॉम्बिंग शुरू होगी।
हफ्ते भर से हरदोई के अतरौली इलाके में बाघ की दहशत बनी हुई थी। बाघ का हरदोई, लखनऊ व सीतापुर के वनविभाग की संयुक्त टीम पीछा कर रही है।
हरदोई, सीतापुर की वन विभाग की टीमों ने बुधवार को लखनऊ के माल क्षेत्र में टाइगर की लोकेशन को चिह्नित किया। गोधन में ज्वार के खेत में करीब दो सौ मीटर खींच मवेशी का शिकार किया गया। डीएफओ अवध एससी यादव भी बाघ की मौजूदगी से इन्कार नहीं कर रहे।
शिकारी भी हुए चौकन्ने
हरदोई-लखनऊ के बॉर्डर पर माल के इलाकों में बीते
कुछ दिनों से घूमते बाघ की सूचना ने वनकर्मियों के साथ शिकारियों को भी
चौकन्ना कर दिया है।
आशंका जताई जा रही है कि ये जंगली जानवरों के शिकारी
हो सकते हैं, जो बाघ के भटक कर निकलने की सूचना पर सक्रिय हो उठे हैं।
इसीलिए उसे बचाने वालों की टीमों के साथ शिकारी भी चौकन्ने हो उठे हैं।
वन
विभाग के आला अफसर दिवाली के बावजूद बृहस्पतिवार से कॉम्बिंग कराने की बात
कह रहे हैं। सालेहनगर निवासी रामलोटन रावत के ज्वार के खेत में मवेशी के
क्षत-विक्षत अवशेष देखे और आसपास हिंसक जानवर के पगमार्क देख लोगों ने
पुलिस और वन विभाग को सूचना दी।
बाघ को ट्रेस कर रही हरदोई वन विभाग की टीम
भी अतरौली पुलिस के साथ बाघ के पग मार्क खोजते हुए पहुंची। हरदोई से आई
टीम ने पगमार्क ट्रेस और कांबिंग करने के दौरान हिंसक वन्यजीव केआने और
जाने का रूट पता लगाया।
200 मीटर तक खींच ले गया बाघ
टीम के मुताबिक हिंसक वन्यजीव गोधन गांव की तरफ
से ही आया था और मवेशी को अपना निवाला बनाया। उसके बाद उसे लगभग दो सौ मीटर
तक रामलोटन के खेतों तक खींच ले गया।
वन विभाग के अधिकारियों पगमार्क के
आधार पर बताया कि हिंसक वन्यजीव दोबारा गोधन गांव बागों की ओर सरक गया है।
माना जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से भूखे चल रहे बाघ ने लगभग डेढ़
क्विंटल वजनी मवेशी को राजधानी में अपना पहला शिकार बनाया है।
बाघ संरक्षण
विशेषज्ञ संजय नारायन ने विभाग से फौरन विशेषज्ञों को फील्ड में उतारने पर
जोर दिया है, ताकि भटके हुये टाइगर को रेस्क्यू कर वापस भेजा जा सके।
एससी यादव, डीएफओ अवध प्रभाग ने बताया कि माल
के गोधना इलाके में एक मवेशी का शिकार हिंसक वन्यजीव द्वारा किए जाने की
रिपोर्ट दोपहर बाद हुई। मवेशी का क्षत-विक्षत शव गांव के जंगलों के पास
खेतों में मिला है।
यादव के मुताबिक चूंकि नजदीक के इलाकों में बाघ की मौजूदगी की आशंका है।
फिलहाल सर्च टीम के गार्डों को हिदायत दी गई है कि वे झुंड में निगरानी
करें। रात का मामला होने के कारण जा नहीं सका हूं, बृहस्पतिवार सुबह इलाके
में कॉम्बिंग की जाएगी।
यादव ने हिदायत भी दी कि ग्रामीण सतर्क रहें, पर दहशत या अफवाह न फैलाएं।
बाघ या कोई अन्य वन्यजीव दिखने पर वन क्षेत्राधिकारी, वन्य कर्मियों या
पुलिस को सूचित अवश्य करें।
ऐसे फैली थी सनसनी
गौरतलब है कि बाघ की लोकेशन बीते दो-तीन दिनों से हरदोई वन प्रभाग के क्षेत्रों में ट्रेस की जा रही थी। वहां
के अधिकारियों ने सोमवार को बाघ के फुट मार्क एकत्र कर विशेषज्ञों को दिखाए थे।
इसके आधार पर विशेषज्ञों ने युवा बाघ की मौजूदगी का अंदेशा जताया था।
हालांकि
राजधानी क्षेत्र में न तो बाघ देखा गया था और न ही इसके फुट मार्क ही मिले थे। इसके बावजूद वन विभाग और विशेषज्ञ एक्टिव हो गए।
बताया
जा रहा है कि युवा टाइगर अपना इलाका बनाने के लिए निकला है। वह 120-140
किलो वजनी है। गौरतलब है कि वर्ष 2012 की सर्दियों में लखीमपुर खीरी से
भटके एक बाघ ने राजधानी में आमद दर्ज कराई थी।
बाघ की लोकेशन गोमती
के घाटों भटपुर, मांझा इलाकों में देखने के बाद हरदोई वन विभाग के
अधिकारियों ने लखनऊ के आला अधिकारियों से संपर्क साधा था।