डायबिटीज के मरीजों के लिए अच्छी खबर। अब वे हर्बल दवा ले सकेंगे। सीएसआईआर की लैब नेशनल बॉटेनिकल रिसर्च ऑफ इंडिया (एनबीआरआई) और सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिनल एंड एरोमेटिक प्लांट (सीमैप) की ओर से विकसित की गई यह दवा पाउडर और टैबलेट के रूप में उपलब्ध होगी।
दवा का उत्पादन करने वाली कंपनी का दावा है कि यह अब तक मौजूद सभी डायबिटीज दवाओं से सस्ती और प्रभावी होगी।
एनबीआरआई और सीमैप ने संयुक्त रूप से टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों के लिए यह दवा विकसित की थी।
इस दवा को मरीजों तक पहुंचाने के लिए मार्च 2014 में दिल्ली की कंपनी एमिल फार्मास्युटिकल्स ने दोनों संस्थाओं से तकनीक खरीदा था। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर केके शर्मा के मुताबिक दवा को बाजार में लाने की पूरी तैयारी कर ली गई है।
कुछ जरूरी एनओसी का इंतजार है जो कि नवंबर के अंत तक मिल जाएंगे। इसके बाद बिक्री के लिए दवा मार्केट में उपलब्ध होगी। डायबिटीज मरीजों के लिए यह दवा लखनऊ सहित पूरे देश में मिलेगी। वैज्ञानिकों के मुताबिक इसकी मरीजों पर जांच संस्थान पहले ही करा चुका है।