लखनऊ। केजीएमयू में कई दिनों से हेपेटाइटिस वायरल लोड की जांच ठप चल रही है। इससे मरीजों को जांच के लिए निजी केंद्र जाना पड़ रहा है। जहां उन्हें अधिक शुल्क देकर जांच करानी पड़ रही है। एनएचएम से बजट न मिलने से जांच किट खत्म हो गई है। इससे जांच प्रभावित चल रही है। इसके अलावा आसपास के जिलों से आने वाले सैंपल की भी जांच नहीं हो पा रही है।
केजीएमयू में हर दिन करीब 40-50 मरीजों की हेपेटाइटिस जांच के लिए लिखा जाता है। नोडल सेंटर होने के कारण कई अन्य जिलों से भी सैंपल जांच के लिए यहीं आते हैं। ऐसे में लैब में रोजाना 70-90 सैंपल की जांच की जाती है। एनएचएम जांच के लिए बजट देता है, मगर यह बजट काफी समय से नहीं मिला है। इस वजह से जांच किट खत्म हो चुकी है, जिसके चलते 4-5 दिनों से यह जांच पूरी तरह से ठप हो गई है। जांच ठप होने से ओपीडी में भी सैंपल कलेक्शन पर रोक लगा दी गई है। विभागों को भी सैंपल न लेने के निर्देश दिए गए हैं। केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने दावा किया है कि आगामी एक-दो दिन के भीतर दोबारा जांच शुरू हो जाएगी।
निजी लैब में जांच कराने के लिए मजबूर
मरीजों को निजी लैब में जांच करवाने के लिए जाना पड़ रहा है। निजी में इस जांच के लिए हजारों रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। मरीजों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। दूसरे जिलों से आने वाले मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसकी वजह यह है कि जांच दोबारा कब से शुरू होगी, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। वहीं, जांच रिपोर्ट न होने से डॉक्टर मरीजों को दवा नहीं लिख पा रहे हैं।