प्रदेश की भविष्य की पीढ़ी को कुपोषण से मुक्त कराने के दृढ़ संकल्प को पूरा करने के उद्देश्य से पोषण मिशन अभियान के तहत प्रदेश में 1,637 कुपोषित परिवारों को 1,646 दुधारू गोवंश सुपुर्द किए गए हैं। साथ ही प्रदेश की 553 पंजीकृत और 377 क्रियाशील पंजीकृत गोशालाओं में 1,05,380 गोवंश संरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा 304 अपंजीकृत गोशालाओं में 47,040 गोवंश संरक्षित हैं।
कोविड-19 महामारी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के समस्त जिलों में करीब 700 हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है। साथ ही पशुओं की देखभाल और जांच के लिए 51 ऑक्सीमीटर एवं 341 थर्मल स्केनर की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है।
गोशालाओं को गोवंशों के भरण पोषण के लिए मिला अनुदान
वित्तीय वर्ष -- गोशाला -- धनराशि (करोड़ में)
2017-18 -- 39 -- 07.79
2018-19 -- 96 -- 22.63
2019-20 -- 92 -- 28.02
2020-21 -- 130 -- 38.98
(नोट- 28.04.2021 को 87 गोशालाओं को भरण-पोषण के लिए धनराशि 15.69 करोड़ आवंटित किया गया है)