लखनऊ। राजधानी का हेरिटेज जोन भारी वाहनों की आवाजाही से जाम से जकड़ा रहता है। अतिक्रमण की वजह से अव्यवस्था का शिकार है। पर्यटक आए दिन इन दुश्वारियों से जूझते नजर आते हैं। वाहनों की आवाजाही से धरोहरों पर भी बुरा असर पड़ रहा है। इन समस्याओं को दूर करने के लिए मंडलायुक्त रोशन जैकब ने एक साल पहले निर्देश दिए थे। बुधवार को इसकी पड़ताल की गई तो कि मंडलायुक्त के आदेश का कहीं कोई असर नहीं दिखा।
प्रशासन की ढिलाई के कारण वाहनों की आवाजाही की वैकल्पिक व्यवस्था धरातल पर उतर नहीं सकी। बड़ा इमामबाड़ा से भारी वाहनों का संचालन जारी था। रूमी गेट और घंटाघर के पास अवैध पार्किंग भी मिली। बेतरतीब खड़े डग्गामार वाहन और दुकानों के अतिक्रमण से आवाजाही बाधित रही। बिना वजह डायवर्जन और सड़क किनारे अतिक्रमण से पर्यटक परेशान नजर आए।
बड़ा इमामबाड़ा के पीछे के रास्ते पर अतिक्रमण
इमामबाड़ा के पीछे भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग बनाने की योजना भी अटकी है। अधिकारी मानते हैं कि रास्ता पूरी तरह अतिक्रमण की चपेट में है। सड़क किनारे अवैध मकान खड़े हो गए हैं, मगर इन्हें हटाया नहीं जा रहा। हालांकि प्रशासन का दावा है कि फूल मंडी वाली सड़क का चौड़ीकरण और दो नई पार्किंग विकसित की जा रही हैं, ताकि हेरिटेज जोन को वाहन मुक्त किया जा सके। इस पर एलडीए के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार सागर ने कहा कि भारी वाहनों की व्यवस्था और पार्किंग बनाने के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
इमामबाड़े के पास अतिक्रमण और वाहनों की आवाजाही।
इमामबाड़े के पास अतिक्रमण और वाहनों की आवाजाही।
इमामबाड़े के पास अतिक्रमण और वाहनों की आवाजाही।
इमामबाड़े के पास अतिक्रमण और वाहनों की आवाजाही।
इमामबाड़े के पास अतिक्रमण और वाहनों की आवाजाही।
इमामबाड़े के पास अतिक्रमण और वाहनों की आवाजाही।
इमामबाड़े के पास अतिक्रमण और वाहनों की आवाजाही।
इमामबाड़े के पास अतिक्रमण और वाहनों की आवाजाही।
इमामबाड़े के पास अतिक्रमण और वाहनों की आवाजाही।