उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता बढ़ने से रविवार को कई जिलों में बारिश हुई। श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली और पीलीभीत में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हुई। राजधानी लखनऊ में भी अच्छी बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। कई इलाकों में मौसम सुहाना रहा।
28 जिलों में अलर्ट
मौसम विभाग ने 16 से 17 अगस्त के दौरान बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, देवरिया, गोरखपुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, हरदोई, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुलतानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, सहारनपुर, बिजनौर, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं समेत 28 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।
लखनऊ में बारिश से जलभराव।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
तराई में भी बारिश का जोर
17 से 18 अगस्त के दौरान तराई क्षेत्र में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। बारिश के चलते कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
लखनऊ में बारिश से जलभराव के बीच निकलती महिला।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
राजधानी लखनऊ में रविवार सुबह हुई जोरदार बारिश से शहर पानी-पानी दिखा। एक तरफ लोगों को उमस से राहत मिली, तो दूसरी तरफ शहर के कई इलाकों में जलभराव की समस्या खड़ी हो गई। लोगों को आवागमन में परेशानियां झेलनी पड़ीं।
बारिश से सड़क पर भरा पानी बना आफत।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
कुर्सी रोड में चार नंबर चौराहे से जानकीपुरम के छुईया पुरवा चौराहे की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर दो से तीन फीट तक पानी भर गया। जलभराव इतना अधिक था कि पानी डिवाइडर तक पहुंच गया।
जलभराव से बंद हो रहीं गाड़ियां।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
सड़क पर पानी भरने से राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई वाहन पानी में पहुंचते ही बंद हो गए। इसके बाद वाहन चालकों को अपने वाहन पैदल खींचकर सुरक्षित स्थान तक ले जाते देखा गया। जलभराव के कारण इस मार्ग पर यातायात भी प्रभावित हुआ।
जलभराव के बीच निकलते लोग।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, तेज बारिश होते ही इस मार्ग पर जलभराव की समस्या गंभीर हो जाती है।
बारिश के बाद राजधानी की गली-गली में भरा पानी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
बारिश का पानी सड़क पर जमा होने से आवागमन प्रभावित होता है और वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लोगों ने जल निकासी की बेहतर व्यवस्था किए जाने की मांग की है।