तेज धूप और तपन से लोग लू की चपेट में आ रहे हैं। अस्पतालों की इमरजेंसी में 24 घंटे बुखार और डायरिया के मरीज पहुंच रहे हैं।
सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशुतोष दुबे ने बताया कि इमरजेंसी में हीट स्ट्रोक से पीड़ित 20 से अधिक मरीजों को इलाज दिया जा रहा है।
रोजाना दस से अधिक रोगियों को भर्ती किया जा रहा है। यही हाल बलरामपुर अस्पताल का रहा जहां मरीजों की लगातार भीड़ के चलते इमरजेंसी से लेकर वार्ड तक अव्यवस्था की स्थिति बनी।
डफरिन अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सलमान खान बताते हैं कि तेज गर्मी से बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता तेजी से कम होती है और वो इसकी चपेट में आ जाते हैं।
ऐसे में बच्चों के खानपान का ध्यान रखा जाए तो स्थिति को बेहतर बनाया जा सकता है। डॉ. आशुतोष दुबे बताते हैं कि तेज धूप में लोग बाहर निकलने से बचें और जरूरी सावधानी बरतें तो हीट स्ट्रोक से बचा जा सकता है।