राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के सीवीटीएस विभाग में अगले साल से बिना चीरा लगाए मामूली छेद से ही दिल की सर्जरी संभव हो सकेगी। इसके लिए डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से मिनिमल इनवेसिव कार्डियक सर्जरी सिस्टम लगाया जाएगा।
केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने बताया कि ओपन हार्ट सर्जरी में खून ज्यादा बहने के साथ मरीज को खतरा भी ज्यादा रहता है। वहीं, मिनिमल इनवेसिव कार्डियक सर्जरी चीरे के बजाय छोटे-छोटे छेद करके की जाती है। इसके लिए संस्थान को प्रदेश सरकार की ओर से डेढ़ करोड़ रुपये का बजट मिला है। मिनिमल इनवेसिव कार्डियक सर्जरी सिस्टम आने से सर्जरी आसान और ज्यादा सुरक्षित हो सकेगी।
छाती के बाएं ओर छेद करके होती है सर्जरी
मिनिमल इनवेसिव सर्जरी छाती के बाएं ओर छेद करके की जाती है। इसमें मांसपेशियों को अलग करके हड्डी को नुकसान पहुंचाए बिना दिल तक पहुंचा दिया जाता है। नियमित हृदय सर्जरी के विपरीत इस सर्जरी में सभी धमनियों और पैर से निकाली गई नसों का इस्तेमाल किया जाता है।
दो से तीन दिन में मिल जाती है छुट्टी
इस सर्जरी का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसमें खून की हानि कम होती है। संक्रमण का खतरा भी कम होता है। सर्जरी के बाद मरीज को अस्पताल से दो से तीन दिन में छुट्टी मिल जाती है। इसे सुरक्षित और प्रभावी तकनीक माना जाता है, क्योंकि सभी जगहों के ब्लॉक को बाईपास किया जा सकता है।