राजधानी लखनऊ में एक ठेकेदार ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। वह कार धुलाई का ठेका लेते थे। आलमबाग के होटल सौभाग्य इन में ठहरे थे। रविवार को गंभीर अवस्था में ठेकेदार को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उनके पास से सात पन्ने का सुसाइड नोट बरामद किया गया है। इसमें दो लोगों को मौत का जिम्मेदार ठहराया है।
पूछने पर बताया गया कि माता प्रसाद आलमबाग के सौभाग्य इन होटल में ठहरे थे। रविवार सुबह होटल के स्टाफ ने उन्हें अचेत अवस्था में देखकर इसकी सूचना दी। परिजन लखनऊ पहुंचे तो माता प्रसाद की हालत गंभीर थी। कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई।
सूरज ने बताया कि उसके पिता ने कृष्णा इंटरप्राइजेज के नाम से फर्म बनाई थी। फर्म पर वह कार धुलाई का ठेका लेते थे। आरोप है कि आजमगढ़ में एक वाहन कंपनी के जीएम भूपेंद्र सिंह और निखिलेश मौर्य ने माता प्रसाद से रुपये लिए थे। मांगने पर आरोपी रकम नहीं लौटा रहे थे। माता प्रसाद ने फर्म चलाने के लिए कई लोगों से ब्याज पर रकम उधार ले रखी थी। नोट में उन्होंने निखिलेश पर 13 और भूपेंद्र पर 16 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया है।
सुसाइड नोट में लिखा है कि दो माह पहले निखिलेश ने माता प्रसाद को जान से मारने की धमकी भी दी थी। नोट में लेनदेन का हिसाब और अपने जीवन के संघर्ष भी बयां किए हैं। उधर, जिन लोगों ने ठेकेदार को उधार दिए थे, वे भी लगातार रकम वापसी का दबाव बना रहे थे। इससे परेशान होकर माता प्रसाद ने आत्महत्या कर ली। सूरज ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।