लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के लारी कार्डियोलॉजी विभाग के हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड (एचआरएफ) काउंटर पर खून पतला करने वाली सामान्य दवाएं तक नहीं मिल रही हैं। इसके लिए तीमारदारों को भटकना पड़ता है।
लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग में प्रदेश भर से मरीज दिल का इलाज कराने आते हैं। यहां रोजाना 350 मरीज ओपीडी में और 250 के करीब इमरजेंसी में आते हैं। केजीएमयू प्रशासन ने मरीजों को सस्ती दर पर दवाएं उपलब्ध कराने के लिए एचआरएफ के काउंटर खोले हैं। इस समय पूरे केजीएमयू में एचआरएफ के 22 स्टोर हैं। इन पर 60 से 70 फीसदी कम कीमत पर मरीजों को दवाएं मिल जाती हैं।
मरीजों को स्टेंट डालने या फिर दूसरे ऑपेरशन करते समय उन्हें खून पतला करने की दवाएं दी जाती हैं। इसके बावजूद यह दवा स्टोर से गायब है। यह भी बताया जा रहा है कि एचआरएफ के काउंटर से केवल ज्यादा कीमत वाली दवाएं ही दी जा रहीं हैं। ज्यादा कीमत वाली दवाओं पर कमीशन ज्यादा है। वहीं, खून पतला करने वाली दवाएं बेहद कम कीमत पर मिलती हैं। इसलिए उसमें कमीशन कम रहता है।
तीमारदारों के मुताबिक, समस्या यह है कि उन्हें दवा लेने के लिए लंबा चक्कर काटना पड़ता है। एक बार लाइन लगाने पर सभी दवाएं मिल जानी चाहिए। वहीं, केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. केके सिंह का कहना है कि कुछ समय के लिए दवाएं उपलब्ध नहीं हुई होंगी, लेकिन ज्यादातर दवाएं रहती हैं। जो दवाएं नहीं हैं, उनकी उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
दवा के परचे।