चित्रकूट की महिला के साथ पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति और उनके साथियों द्वारा सामूहिक दुराचार मामले में सुनवाई नहीं हो सकी। पीड़िता के समय से कोर्ट न पहुंचने और अभियोजन की ओर से समय मांगने के कारण ऐसा हुआ।
पाक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश विकास नागर ने अगली सुनवाई के लिए 5 नवंबर की तारीख तय की है। गायत्री के खिलाफ चल रहे इस मामले में मंगलवार को पीड़िता की गवाही होनी थी। वहीं, उसकी बड़ी पुत्री की ओर से दी गई अर्जी पर भी सुनवाई होनी थी।
कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ लगे आरोपों में संशोधन की मांग वाली अर्जी पर बचाव पक्ष ने आपत्ति जताने से मना कर दिया। उधर, जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज त्रिपाठी ने इस पर आपत्ति देने के लिए समय मांग लिया। गवाही के लिए पीड़िता कोर्ट में देर से पहुंची।
इस पर जिला शासकीय अधिवक्ता ने कहा, कोर्ट में पीड़िता से जिरह होनी थी लेकिन उसने अभियोजन पक्ष से तीन बजे तक कोई संपर्क नहीं किया। लिहाजा, अब जिरह संभव नहीं है। इस पर कोर्ट ने सुनवाई के लिए नई तारीख दे दी।
कोर्ट ने कहा, विधायक और सांसदों के मामलों के निपटारे के लिए इलाहाबाद में विशेष अदालत का गठन किया गया है। इसके बारे में जनपद न्यायाधीश को पत्र भी लिखा गया है।