इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने पूर्व मंत्री आजम खां की बहन को राजधानी के रिवर बैंक कालोनी में आवंटित सरकारी आवास से बेदखली मामले में फिलहाल यथास्थिति बहाल रखने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति पंकज मित्तल और न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की खंडपीठ ने मंगलवार को यह आदेश आजम की बहन निखत अखलाक की याचिका पर सुनवाई के बाद दिया।
याचिका में 24 अगस्त के उस कारण बताओ नोटिस को चुनौती दी गई है, जिसमें उन्हें रिवर बैंक कालोनी में आवंटित आवास ए-2/1 को खाली करने को कहा गया था। नोटिस के मुताबिक याची इस मकान में नहीं रहती हैं और यह आवास सरकारी सेवकों के लिए है। चूंकि याची सरकारी सेवक नहीं हैं। लिहाजा वह आवंटन की हकदार नहीं है। याचिका में कहा गया है कि याची को सरकारी सेवक न होने के नाते कारण बताओ नोटिस नहीं दी गई थी।
याची के अधिवक्ता एचजीएस परिहार के मुताबिक समय दिए जाने के बावजूद नगर निगम की तरफ से मामले में कोर्ट को जानकारी नहीं दी गई। इस पर अदालत ने नगर निगम के अधिवक्ता को दो हफ्ते में जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा है। इसके बाद सप्ताह भर में याची को प्रति उत्तर दाखिल करना होगा। तब तक कोर्ट ने याची से संबंधित सरकारी आवास पर यथास्थिति बहाल रखने का आदेश दिया है।