लखीमपुर खीरी कांड के आरोपी आशीष मिश्र उर्फ मोनू को जमानत मामले में बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में आरोपी की जमानत अर्जी पर राज्य सरकार की तरफ से जवाब पेश किया गया। इस पर अभियुक्त की ओर से प्रतिउत्तर दाखिल करने का समय देकर कोर्ट ने अगली सुनवाई 11 जनवरी को नियत की है।
न्यायमूर्ति राजीव सिंह ने यह आदेश अभियुक्त की जमानत अर्जी पर दिया। बीते तीन अक्तूबर को खीरी जिले में उपद्रव के बाद हिंसा में चार किसान सहित आठ लोगों की मौत के मामले में आशीष मिश्र मुख्य आरोपी है। आशीष केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी का पुत्र है। इस मामले में राज्य सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता विनोद कुमार शाही पेश हुए।
साथ ही सरकार की ओर से जमानत अर्जी पर जवाबी हलफनामा पेश किया गया। जवाब का प्रतिउत्तर दाखिल करने को कोर्ट ने अर्जीदाता के अधिवक्ता को समय दिया है। कोर्ट ने इससे पहले आशीष मिश्रा मोनू की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को दस दिनों में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया था। इससे पहले उसकी जमानत सत्र अदालत से खारिज हो चुकी है। जिसके बाद उसने जमानत के लिए हाईकोर्ट की शरण ली है।