लखनऊ। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की ओर से अंसल को दिवालिया घोषित करने के विरोध में एनसीएलएटी में बृहस्पतिवार को फिर सुनवाई नहीं हो सकी। कोर्ट में अन्य केसों पर सुनवाई होती रही, पर अंसल मामले का नंबर ही नहीं आ सका। शुक्रवार को फिर से केस लगाया गया है। ऐसे में सुनवाई की उम्मीद जताई जा रही है।
आवंटी व निवेशक गगन टंडन ने बताया कि एक जुलाई को केस लगा था, पर तब भी इसका नंबर नहीं आया था। फिर कोर्ट ने प्राथमिकता पर 16 जुलाई की तारीख लंच से पहले लगाने के लिए कहा था। ऐसा हुआ भी, पर जो केस इससे पहले लगे थे, उन पर ही कई घंटे बहस चली। इससे अंसल मामले का नंबर नहीं आ पाया। इसके बाद 23 और फिर 31 जुलाई की तारीख लगाई गई, लेकिन फिर भी सुनवाई नहीं हो सकी। गगन का कहना है कि उम्मीद है कि शुक्रवार को जब सुनवाई होगी तो फैसला अंसल के आवंटियों के पक्ष में ही आएगा। जब तक फैसला नहीं आएगा, तब तक स्थगन आदेश प्रभावी रहेगा। इसके तहत कोई तीसरा पक्ष अंसल टाउनशिप को टेकओवर नहीं कर पाएगा। इससे आवंटियों का हित सुरक्षित रहेगा।