लखनऊ। अलीगंज अग्निकांड वाली बिल्डिंग के ध्वस्तीकरण नोटिस पर एलडीए के विहित प्राधिकारी कोर्ट में चल रही सुनवाई बृहस्पतिवार को तीसरे दिन पूरी हो गई। बिल्डिंग मालिक और एलडीए इंजीनियर का पक्ष सुनने के बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित कर लिया है। एक-दो दिन में आदेश आने पर ही साफ होगा कि अवैध बिल्डिंग पर एलडीए खुद बुलडोजर चलाएगा या बिल्डिंग मालिक को खुद तोड़ने का मौका देगा।
22 जून को अलीगंज स्थित एनीमेशन सेंटर की बिल्डिंग में आग लगने से 15 लोगों की जान गई थी। एलडीए के विहित प्राधिकारी अतुल कुमार की कोर्ट में सुनवाई दौरान बिल्डिंग मालिक के वकील की ओर से यह पक्ष रखा गया कि बिल्डिंग में जो भी निर्माण अवैध है उसको वह स्वयं अपने खर्चे पर गिरा लेंगे। वकील ने नई भवन निर्माण नीति के तहत शमन मानचित्र पास करने की मांग भी रखी। वकीलों ने कोर्ट को यह भी बताया कि बिल्डिंग का मानचित्र आवासीय पास कराया गया था और बिल्डिंग को किराये पर दिया गया था। बिल्डिंग में व्यावसायिक गतिविधि किरायेदार की ओर से संचालित की जा रही थी। बिल्डिंग मालिक का इसमें कोई दोष नहीं है। सुनवाई के दौरान वकील बिल्डिंग का मूल नक्शा नहीं पेश कर सके। कहा कि आग में नक्शा जल गया है। एलडीए चाहे तो अपने कार्यालय में जमा दूसरी प्रति से जांच कर ले।
वकील ने एलडीए की नोटिस पर भी यह सवाल उठाया। कहा कि नोटिस में यह जानकारी नहीं दी गई है कि मौके पर कितना निर्माण अवैध है और क्या सुधार करने पर वह वैध हो जाएगा। बिल्डिंग का जो हिस्सा अवैध है उसे वह खुद तोड़ लेंगे और उसके लिए एक महीने का समय दिया जाए। वकील ने यह भी कहा कि शमन नीति के तहत उनका मानचित्र पास कर दिया जाए क्योंकि 18 मीटर चौड़ी रोड पर आवासीय के साथ व्यावसायिक निर्माण की अनुमति अब दी जा रही है। वकीलों की बात सुनने के बाद विहित प्राधिकारी ने एलडीए के जेई ओमपाल सिंह से जानकारी ली। जेई ने कोर्ट को बताया कि बेसमेंट सहित दो फ्लोर का नक्शा पास था लेकिन तीसरा तल पूरी तरह अवैध बना है। नक्शे में 20 मीटर बेसमेंट पास था जिसे 134 मीटर बनाया गया। सेट बैक भी नहीं छोड़ा गया। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद विहित प्राधिकारी ने आदेश सुरक्षित कर लिया है।
यह है मामला
बीती 22 जून को अलीगंज सेक्टर-डी के एक एनिमेशन सेंटर में आग लगने से 15 लोगों की जान गई थी। जांच के दौरान यह सामने आया था कि बिल्डिंग में आग से बचाव के लिए अग्नि सुरक्षा और सेट बैक जैसे जरूरी उपाय नहीं थे। निर्माण भी अवैध था। आवासीय का मानचित्र पास कराकर उसका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। इस पर एलडीए ने 23 जून को बिल्डिंग मालिक को नोटिस जारी किया गया था, जिस पर ही सुनवाई चल रही है।
जानिए, सुनवाई में कब क्या हुआ
0 23 जून को एलडीए ने अवैध बिल्डिंग को लेकर नोटिस जारी किया था जिसमें 15 दिन का समय जवाब दाखिल करने के लिए दिया गया था।
0 पहली सुनवाई मंगलवार सात जुलाई को हुई। इस दिन बिल्डिंग मालिक के वकील ने नोटिस जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा था। कोर्ट ने सिर्फ एक दिन का समय दिया था।
0 दूसरी सुनवाई बुधवार को हुई और बिल्डिंग मालिक के वकील ने जवाब दाखिल किया और बहस के लिए समय मांगा। इस पर कोर्ट ने फिर एक दिन का समय दिया।
0 तीसरी सुनवाई बृहस्पतिवार को हुई और कोर्ट ने बहस सुनने के बाद आदेश सुरक्षित कर लिया।