बृहस्पतिवार को सुनवाई के बाद पक्षकारों के वकीलों के आग्रह पर अदालत ने अगली सुनवाई 27 सितंबर को नियत की। साल की शुरुआत में हुई भर्ती परीक्षा के बाद राज्य सरकार ने इसमें अर्हता अंक समान्य वर्ग के लिए 65 फीसदी और आरक्षित वर्ग के लिए 60 फीसदी तय किए थे।
सरकार के इस फैसले के खिलाफ एकल पीठ में कई याचिकाएं दायर हुईं जिन पर उक्त निर्देश दिए गए थे। इस भर्ती मामले में अभ्यर्थी राजधानी में धरना-प्रदर्शन भी कर चुके हैं।