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Lucknow News: अभिनय की पाठशाला में सुनीं कविताएं, सीखा संवाद

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कार्यशाला में प्र​शिक्षुओं को जानकारी देते सर्वेश अस्थाना।
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लखनऊ। भारतेंदु नाट्य अकादमी में चल रही 45 दिवसीय प्रस्तुतिपरक कार्यशाला के दौरान रविवार को प्रशिक्षणार्थियों ने कविताएं सुनीं और कविता लिखना भी सीखा। हास्य कवि सर्वेश अस्थाना ने विद्यार्थियों से संवाद किया, जिसमें बताया कि थियेटर में गैर मौखिक संवाद का कितना महत्व होता है।
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उन्होंने संवाद के प्रकार वार्तालाप, संबोधन, वाद-विवाद, परिचर्चा और जन संचार पर चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने बताया कि गैर मौखिक संवाद के तीन प्रकार साइन, सिग्नल और सिंबल होते हैं। साथ ही बताया कि कैसे किसी की आवाज उसके प्रति लोगों के दृष्टिकोण को निर्धारित करती है। उन्होंने कहा कि संबोधन के लिए आत्मविश्वास व विषयवस्तु का ज्ञान होना बहुत जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को कविता लिखने की तकनीक भी समझाई और कहा कि जब तक व्यक्ति के भाव और उसके विवेक में साम्य नहीं होगा तब तक वह कविता नहीं लिख सकता, लेकिन इसे सीखा जा सकता है।
विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्होंने बताया कि यदि आप अपनी सांस्कृतिक, नैतिक और सामाजिक मर्यादा में हैं, तो अपनी हिचक को खत्म कर सकते हैं। आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए छात्रों को निरंतर परिश्रम व अभ्यास करते रहने का सुझाव दिया। व्याख्यान के अंत में उन्होंने अपनी पहली हास्य व्यंग्य कविता छात्रों को सुनाई जो उन्होंने 1978 में चीनी के दाम बढ़ने पर लिखी थी। इस दौरान कार्यशाला के प्रबंधक प्रिवेंद्र सिंह व डॉ. सुमित श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।
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