लखनऊ। एसटीपीआई (भारतीय सॉफ्टवेयर प्रौद्योगिकी पार्क) ने बुधवार को एसजीपीजीआई में इन्वेस्टर कनेक्ट-2026 का आयोजन किया। इसका मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य क्षेत्र में नई तकनीक और उपकरण बनाने वाले स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना था। इस कार्यक्रम में डॉक्टरों, शोधकर्ताओं, निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और स्टार्टअप्स ने भाग लिया।
कार्यक्रम में ओपन चैलेंज प्रोग्राम-7 शुरू किया गया। इसके तहत स्वास्थ्य क्षेत्र की समस्याओं के लिए तकनीकी समाधान हेतु स्टार्टअप्स से आवेदन मांगे जाएंगे। स्वास्थ्य सेवाओं और नई तकनीक पर एक पैनल चर्चा भी हुई। एसटीपीआई लखनऊ के अपर निदेशक डॉ. प्रवीण कुमार द्विवेदी ने डॉक्टरों, विशेषज्ञों और स्टार्टअप्स के सहयोग पर जोर दिया। कहा कि इससे स्वास्थ्य क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार नए समाधान बनेंगे। एसटीपीआई-नोएडा की निदेशक वंदना श्रीवास्तव ने बताया कि लखनऊ केंद्र से 70 स्टार्टअप जुड़े हैं। ये स्टार्टअप 36 उत्पाद और 57 प्रोटोटाइप पर काम कर रहे हैं।
स्टार्टअप्स को मिला प्रोत्साहन
एसजीपीजीआई के निदेशक पद्मश्री डॉ. आरके धीमन ने चिकित्सा संस्थानों और तकनीकी विशेषज्ञों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में 10 स्टार्टअप्स को 39 लाख रुपये दिए गए। यह राशि स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना की पहली किस्त थी। आठ स्टार्टअप्स ने निवेशकों के सामने अपने उत्पाद और योजनाएं प्रस्तुत कीं।