शीघ्र नवनिर्मित भवन में संचालित होगा जिला अस्पताल 2010 में सृजित जनपद के जिला मुख्यालय पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में संयुक्त चिकित्सालय के रुप से संचालित किया जा रहा है। अस्पताल को उच्चीकृत कर अन्य सुविधाओं से लैस किया लेकिन जिला अस्पताल जैसी कोई सुविधाएं मरीजों को नहीं मिल पा रही थी। शासन से मंजूरी मिलने के बाद असैदापुर में जिला अस्पताल के लिए भूमि चिन्हित की गई। जिस पर जिला अस्पताल के भवन का निर्माण कार्य तकरीबन पूरा हो गया है।
दो दिन पूर्व महामहिम राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और केंद्रीय मंत्री ने भी नवनिर्मित जिला अस्पताल भवन का निरीक्षण किया और कई लाभार्थियों को योजनाओं के कार्ड बाटें। शुक्रवार को नवनिर्मित भवन में जल्द जिला अस्पताल के संचालन को लेकर प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परिवार कल्याण और शिशु कल्याण मंत्री जय प्रताप सिंह ने नवनिर्मित भवन कानिरीक्षण किया।
निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने कार्यदाई संस्था को जिला अस्पताल को शीघ्र हैंड ओवर करने का निर्देश दिया। मंत्री ने कहा कि 30 नवंबर तक नवनिर्मित भवन में जिला अस्पताल का संचालन शुरु कराने का प्रयास है। उन्होंने इस संबंध में सीएमओ आरएम श्रीवास्तव को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
अस्पताल से 25 लाख की जनता को मिलेगी सहूलियत स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश के क्रम में जल्द ही मुख्यालय पर नवनिर्मित भवन में जिला अस्पताल का संचालन शुरु हो जाएगा। जिससे जिले की 25 लाख से अधिक की आबादी को सहूलियत मिलेगी। अब तक गंभीर मरीजों को सुलतानपुर, रायबरेली आदि जनपदों में जाना पड़ता था। जिससे समय और खर्च अधिक पड़ता था। सीएमओ आरएम श्रीवास्तव ने बताया कि जल्द ही मुख्यालय पर आधुनिक सुविधाओं से लैश जिला अस्पताल में मरीजों को सुविधाएं मिलनी शुरु हो जाएगी।
जनता भाजपा के कार्यों से है खुश स्वास्थ्य मंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा कि प्रदेश में हुए उपचुनाव में जनता ने भाजपा के जनप्रतिनिधियों को चुनकर एक संदेश दिया है। भाजपा सरकार में जो विकास हुआ है वह पिछले कई दशकों में नहीं हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में विकास कार्य हो रहे हैं। योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है।
मुख्यालय पर नहीं होगी मेडिकल कॉलेज की सुविधा जिले की आधी से अधिक आबादी को मेडिकल कॉलेज की सुविधा नहीं मिल सकेगी। गौरीगंज मुख्यालय के नजदीक रोहसी खुर्द में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए प्रशासन की ओर से भूमि चिन्हित करा ली गई है। उक्त भूमि मेडिकल कॉलेज के नाम दर्ज भी हो गयी है। शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर आए स्वास्थ्य मंत्री को समाज सेवी शशिकांत मिश्र व भाकियू जिलाध्यक्ष प्रमोद ने मुख्यालय के रोहसी गांव में राजकीय मेडिकल कॉलेज के नाम दर्ज भूमि पर ही मेडिकल कॉलेज खोले जाने की मांग उठाई। जिस पर स्वास्य मंत्री ने कहा कि यहां मेडिकल कॉलेज गौरीगंज में नहीं खुल सकता।
तिलोई में मेडिकल कॉलेज खुलेगा। कैबिनेट की बैठक में उसका प्रस्ताव भी पारित हो गया है। कहा कि वह भूमि भी मिल गयी है। प्रमोद मिश्र ने कहा कि जिले के आखिरी छोर तिलोई में मेडिकल कॉलेज खुलने से आधे से अधिक अबादी को मेडिकल कॉलेज की सुविधा नहीं मिलेगी। जबकि तिलोई से जनपद रायबरेली में खुल रहे एम्स और लखनऊ की दूरी बहुत कम है। कहा कि ऐसे में मेडिकल कॉलेज के खुलने और न खुलने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। हालाकि मंत्री के जवाब ने गौरीगंज मुख्यालय पर मेडिकल कॉलेज के खुलने के सारे आसार खत्म कर दिए हैं।