प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग बिना मुखिया के ही कोरोना महामारी से लड़ाई लड़ रहा है। महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य का पद 20 दिन से खाली है। जबकि शासन में बैठे जिम्मेदार मनमाफिक अधिकारी को तैनात करने की जुगत भिड़ा रहे हैं। इतना ही नहीं, इसके लिए एक शासनादेश भी करा लिया गया है, लेकिन नियुक्ति के आदेश अभी जारी नहीं किए गए हैं।
रविवार रात को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य सचिव आरके तिवारी को तत्काल महानिदेशक नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो गई है। डॉ. रुकुमकेश 30 जून को स्वास्थ्य महानिदेशक के पद से रिटायर हुए थे। उनके बाद डॉ. मिथिलेश चतुर्वेदी को महानिदेशक परिवार कल्याण बनाकर चिकित्सा स्वास्थ्य का भी चार्ज दे दिया गया था। जबकि दोनों पद पर अलग-अलग अधिकारी तैनात होते हैं। डॉ. चतुर्वेदी को महानिदेशक परिवार कल्याण बनाने से पहले उस पद पर तैनात रहे डॉ. बद्री विशाल को महानिदेशक प्रशिक्षण बना दिया गया।
वर्तमान में वरिष्ठतम अधिकारियों में डॉ. राकेश दुबे और डॉ. डीएस नेगी का नाम लिया जा रहा है। डॉ. नेगी अभी लोकबंधु और सिविल अस्पताल के निदेशक हैं। जबकि डॉ. राकेश दुबे परिवार कल्याण महानिदेशालय में तैनात हैं। डॉ. मधु सक्सेना एक साल के अंदर सेवानिवृत्ति की लाइन में होने के कारण महानिदेशक की दौड़ से बाहर हो गई हैं।