लखनऊ। आधुनिक उर्दू पत्रकारिता के संस्थापक एवं लेखक हयातउल्लाह अंसारी को उनकी पुण्यतिथि पर मंगलवार को याद किया गया। हयातुल्लाह अंसारी: एक बहुआयामी व्यक्तित्व विषय पर आयोजित सेमिनार में वक्ताओं ने उनके कार्यों पर चर्चा की।
ऑल इंडिया तालीम घर की ओर से चौक फरंगी महल स्थित मदरसा हयातुल उलूम फरंगी महल में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अहमद इब्राहिम अलवी ने कहा कि हयातुल्लाह अंसारी यूरोपीय साहित्यकारों से कहीं बड़े लेखक थे। उन्होंने आधुनिक उर्दू पत्रकारिता की नींव रखी और उसे परवान चढ़ाया।
इससे पहले कार्यक्रम का आगाज रिजवान अहमद फारूकी ने कुरान की तिलावत से की। डॉ. फराह उस्मानी ने कहा कि जब भी उर्दू पत्रकारिता की बात होगी हयातउल्लाह अंसारी का नाम सम्मान से लिया जाएगा। सुहैल वहीद ने कहा कि हयातउल्लाह अंसारी कभी निष्क्रियता को स्थान नहीं देते थे। वह हमेशा सक्रिय और जीवंत व्यक्तित्व के धनी रहे।
उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की सदस्य सबीहा अहमद, डॉ. नुजहत हुसैन, डॉ. परवीन शुजात, डॉ. इशरत नाहिद, डॉ. मिशकात हयातुल्लाह, गुफरान नसीम, मुशर्रफ हुसैन, फैजान खान, मौलाना रिजवान अहमद, डॉ. तबस्सुम खान ने भी विचार रखे। रिजवाना खान और डॉ. मंसूर हसन खान ने अपने कलाम से हयातउल्लाह अंसारी को श्रद्धांजलि अर्पित की।