सिद्धार्थनगर बढ़नी के कारोबारी कन्हैया अग्रवाल एवं चंद्र अग्रवाल के हवाला के 65 लाख रुपये की नकदी से और बहुत से लेन-देन करने वाले और नये कारोबारी जांच के दायरे में आ गये हैं। लखनऊ से जिन-जिन और कारोबारियों ने लेन-देन किया वह भी फंस चुके हैं। आयकर अफसरों को जांच के दौरान ऐसे सभी कारोबारी का कालाचिट्ठा उनके हाथ लग गया है। यानी लेन-देन का जो ब्योरा हासिल हुआ, उससे उन कारोबारियों की भी जांच हो सकती है।
गोंडा में 21 जनवरी को चेकिंग के दौरान 65 लाख रुपये जब्त करने के बाद लखनऊ में उसी दिन रात करीब 8:00 बजे आयकर अफसरों ने रकाबगंज, शास्त्रीनगर, यहियागंज में हवाला कारोबारियों पर छापामारी की। अफसरों की यह जांच 23 जनवरी की रात 2:00 बजे तक चली। 54 घंटे की जांच में अफसरों को लगभग तीन करोड़ की नकदी एवं ठिकानों से हवाला के जरिये रकम का लेन-देन करने वालों का सुराग उनके हाथ लगा है। इससे और कारोबारियों की मुसीबतें बढ़ सकती हैं।
मुंबई और दिल्ली से कर रहे संचालन
हवाला कारोबार मुंबई एवं दिल्ली में बैठ करके बड़े कारोबारी कर रहे हैं। आयकर विभाग ने रकाबगंज, शास्त्रीनगर, यहियागंज में जो कार्रवाई की वह बड़े कारोबारियों के कारिंदों के ठिकानें थे। यानी आयकर अफसरों को जांच के दौरान उन बड़े-बड़े कारोबारियों का पूरा विवरण हासिल हो गया जो कमीशन लेकर लखनऊ सहित अन्य महानगरों में हवाला के जरिये नकदी देने का धंधा कर रहे हैं। इन ठिकानों पर सिर्फ बड़े कारोबारियों के खास कारिंदे पकड़ में आए जो हवाला की रकम का आदान-प्रदान करते। इन कारिंदों ने अफसरों के सामने अहम जानकारी उगल दी है।
सराफा की आड़ हवाला का कारोबार
आयकर विभाग के सूत्रों ने बताया कि पुराने शहर के चार बड़े सराफा कारोबारी भी हवाला कारोबार में संलिप्त, जो राडार पर आ गये हैं। यह दिखाने के लिए सोने एवं चांदी के गहनोें को बेचने का कारोबार करते। मगर, असल में मोटी कमाई हवाला के जरिये ही है। सूत्रों ने बताया कि कोलकाता, मुंबई एवं दिल्ली के बाद हवाला कारोबार बड़ा केंद्र लखनऊ भी बन गया है। इन केंद्रों से नेपाल की सीमा तक नकदी को खपाने का खेल चल रहा है।