फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुना है क्या: बड़े साहब की हो गई अपने विभाग में ही अरुचि, उधर पॉवर वाले विभाग में कुर्सी बदलने का योग

Sun, 08 Feb 2026 08:55 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Stories of UP: यूपी के सत्ता और नौकरशाही के गलियारों में बहुत कुछ चल रहा है। इसमें नेतानगरी के साथ नौकरशाही में भी बहुत कुछ दिलचस्प हो रहा है। 
विज्ञापन
सुना है क्या/suna hai kya - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूपी के सत्ता और नौकरशाही के गलियारों में बहुत कुछ चल रहा है। इसमें नेतानगरी के साथ नौकरशाही में भी बहुत कुछ दिलचस्प हो रहा है। कहीं किसी विभाग में बड़े साहब की अरुचि चर्चाओं में है तो कहीं सारा दिमाग नई कुर्सी पर है। आइए नजर डालते हैं जरा...
विज्ञापन


साहब को ही बेचने में लग गए
खजाने से जुड़े एक महकमे में ‘पतझड़’ खत्म होने के बाद ‘वसंत’ जैसी फीलिंग है। इसी के चलते राजधानी के टक्करी एक जिले के अफसरों ने साहब के नाम को बेचना शुरू कर दिया। एक तेजतर्रार नौकरशाह के नाम पर वसूली करने वाले अफसरों की हिम्मत की खबरें जब साहब तक पहुंची तो वो भी चक्कर में आ गए। पता चला कि बाकायदा रेट कार्ड खोल दिया गया था। अच्छी खासी कमाई भी कर ली लेकिन खबर लीक होते ही साहब के तेवर देख नीचे वाले सरेंडर हो गए। अब एक बार फिर कील-कांटे दुरस्त करने की कवायद चल रही है।

बड़े साहब की अरुचि, विभाग में बढ़ा रही नाराजगी
प्रदेश में उच्च स्तर की पढ़ाई-लिखाई वाले विभाग के बड़े साहब की विभागीय कार्यों में अरुचि अंदरखाने में नाराजगी बढ़ा रही है। हाल ही में बेसिक व माध्यमिक स्तर की पढ़ाई वाले विभागों को तो सरकार का बड़ा तोहफा मिल गया। किंतु उच्च स्तर की पढ़ाई वाले विभाग के लोग इससे वंचित रह गए। इसे लेकर गुरुजनों से लेकर विभाग के माननीय तक नाराज हैं। चर्चा तो यहां तक है कि इसे लेकर बड़े साहब से जवाब-तलब किया गया है। क्योंकि शासन व सरकार में बड़े स्तर पर इसे लेकर नाराजगी जताई गई है।
विज्ञापन


कुर्सी बदलने का योग
पॉवर वाले विभाग के एक नौकरशाह इन दिनों बेचैन हैं। उनकी बेचैनी नई कुर्सी को लेकर है। वे चाहते हैं कि जिस भी कुर्सी पर बैठे, उसका रुतबा वर्तमान से ज्यादा ही हो। वे मजबूत लॉबी से जुड़े होने का दावा भी करते हैं, लेकिन उनकी कुंडली में कुर्सी परिवर्तन का योग नहीं बन पा रहा है। ऐसे में वह राहू- केतू की शांति के लिए हवन पूजन कराने की तैयारी में है। इसे लिए प्रकांड विद्वान की तलाश है। अब देखना यह है कि यह विद्वान उत्तर प्रदेश में मिल पाता है अथवा अन्य राज्य से बुलाने पड़ते हैं।
विज्ञापन


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें