साहब की धुंआधार बैटिंग की चर्चा
प्रदेश के पढ़ाई-लिखाई वाले विभाग एक साहब अक्सर चर्चा में रहते हैं। कभी अपने कामकाज को लेकर तो कभी अपने व्यवहार को लेकर। विभाग बदलने के बाद भी साहब के कार्य व्यवहार में बहुत बदलाव नहीं आया है। आलम यह है कि साहब कभी भी किसी का भी भरी महफिल हाल खराब कर सकते हैं।
हाल ही में उनके एक मातहत ने तेजी दिखाते हुए विभाग में व्यापक स्तर पर फेरबदल कर दिया। फिर क्या था साहब न सिर्फ फायर हुए बल्कि रातोंरात सारे फेरबदल पर भी पानी फेर दिया। इसके बाद साहब की धुंआधार बैटिंग फिर चर्चा में है।
बोझ उठाने को तैयार
अगले कुछ महीनों में कई बड़े विभाग खाली होने वाले हैं। उनकी जिम्मेदारी उठाने के लिए अभी से सक्रियता बढ़ गई है। जिसकी जहां तक पहुंच, वहां तक जुगत भिड़ाने का सिलसिला शुरू हो गया है। इसे लेकर एक तरफ ब्यूरोक्रेसी के गलियारों में चर्चा है तो दूसरी तरफ नीचे वाले स्टाफ में शर्तें लग रही हैं।
सबसे ज्यादा चार नौकरशाहों पर लगा है कि किसे कौन सी कुर्सी मिलेगी। बहरहाल...हाशिये पर खड़े एक आला अफसर भी धीरे से बुदबुदाते सुने गए...बोझ तो हम भी उठाने को तैयार हैं कोई दे तो सही...
चर्चा में आए सेहत सुधार वाले अफसर
स्वास्थ्य महानिदेशालय के एक अफसर इन दिनों चर्चा में है। वे देर शाम कुछ खास लोगों के साथ फाइलें निपटाने में जुटते हैं। फाइलों के साथ हंसी- ठिठोली का दौर बाहर बैठे लोगों को चुभता है। वे नाक भौं सिकोड़े इधर- उधर घूमते रहते हैं। दो दिन पहले इस अफसर की वीडियो भी बनाने की कोशिश की गई। हालांकि सफलता नहीं मिली। ऐसे में चर्चा आम है कि सेवा के अंतिम समय में यह अफसर कहीं अपनी हरकतों की वजह से फंस न जाए।