लखनऊ। मड़ियांव में रहने वाली निजी स्कूल की आठवीं की छात्रा के व्हाट्सएप स्टडी ग्रुप पर विदेश के नंबर से कॉल करके अभद्रता करने वाला उसी का सहपाठी निकला। छानबीन में पता चला कि इंटरनेट कॉलिंग एप का इस्तेमाल कर वह छात्रा से अश्लील व अभद्र बातें कर रहा था। आरोपी की पहचान होने पर भी कोई कार्रवाई न होने से पीड़ित परिवार परेशान है।
मड़ियांव इलाके में रहने वाली 12 साल की एक लड़की निजी स्कूल में कक्षा आठ की छात्रा है। कोरोना काल के चलते वह कई महीने से स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़कर ऑनलाइन पढ़ाई कर रही है। कुछ दिनों से इसी ग्रुप पर अलग-अलग विदेशी नंबरों से छात्रा को लेकर अश्लील मेसेज भेजे जाने लगे। छात्रा के फोन पर भी विदेशी नंबरों से कॉल कर अश्लील बातें की जाने लगीं। इस पर छात्रा की मां ने मड़ियांव थाने में उक्त मोबाइल नंबरों के आधार पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। छानबीन में पता चला कि छात्रा के क्लास का ही एक लड़का इंटरनेट कॉलिंग एप से फोन व मेसेज कर रहा था। आरोपी की पहचान होने पर भी कोई कार्रवाई न होने पर छात्रा की मां ने दो दिन पहले पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर से मुलाकात करके गुहार लगाई। इस पर उन्होंने एडीसीपी (उत्तरी) प्राची सिंह को मामले में जांच करके कार्रवाई के निर्देश दिए।
छात्रा की मां का कहना है कि उन्होंने एडीसीपी प्राची सिंह से दो बार मुलाकात की। इस पर उन्होंने आरोपी छात्र को बुलाकर पूछताछ की मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे उनकी मासूम बेटी समेत पूरा परिवार दहशत में है। छात्रा की मां का आरोप है कि दो उपनिरीक्षक उन पर मामले में सुलह का दबाव बना रहे हैं। इस बारे में एडीसीपी (उत्तरी) प्राची सिंह का कहना है कि छात्रा को इंटरनेट कॉलिंग एप से फोन व मेसेज किए गए हैं। जिस छात्र पर आरोप है उसे बुलाकर पूछताछ भी की गई है। जांच साइबर सेल को सौंपी गई है। पुख्ता सुबूत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।