लखनऊ। दुबग्गा के अमेठिया सलेमपुर गांव में शुक्रवार शाम हार्डवेयर दुकानदार रंजीत रावत (35) ने लाइसेंसी पिस्तौल से खुद के सिर में गोली मार ली। गोली दाएं कनपटी में लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन आनन-फानन उन्हें ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने रंजीत को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मौके से पिस्तौल कब्जे में ली है।
इंस्पेक्टर दुबग्गा श्रीकांत राय के मुताबिक रंजीत रावत ने शुक्रवार शाम करीब 4:40 बजे खुद को गोली मारी थी। गोली चलने की आवाज सुनकर परिजन कमरे में पहुंचे तो वह लहूलुहान पड़े थे। छोटा भाई राहुल परिजनों की मदद से रंजीत को अस्पताल लेकर गया, जहां उनकी मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक रंजीत शाम को घर लौटे और पत्नी चांदनी से खाना लाने के लिए कहा। पत्नी खाना लेने गई तो रंजीत ने अलमारी में रखी लाइसेंसी पिस्तौल से खुद को गोली मार ली।
स्थानीय लोगों के मुताबिक रंजीत पिछले कुछ समय से तनाव में थे। पुलिस को कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। रंजीत पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर के करीबी और पारख महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष तेजी राम रावत के बेटे थे। परिवार में पत्नी चांदनी और दो बेटे प्रियांश व उत्कर्ष हैं। पुलिस परिजनों से पूछताछ कर रही है।
रंजीत रावत
रंजीत रावत