विज्ञान व गणित के अभ्यर्थियों के चयन में घूस लेने, पेंशन पत्रावली के लिए 20 हजार मांगने समेत गड़बड़ी व लापरवाही पर शासन ने हरदोई के बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अजित सिंह को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उन्हें बेसिक शिक्षा निदेशक कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि आरोपों की जांच के लिए डीएम हरदोई द्वारा नगर मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया था। समिति की जांच में पता चला कि भर्ती, नियुक्ति और निलंबन से संबंधित महत्वपूर्ण पत्रावलियां पटल प्रभारी से बीएसए ने अपने आवास पर मंगवाई और वापस नहीं गई।
शिक्षकों के पेंशन, शेष वेतन, चयन वेतनमान आदि मामलों से जुड़ी फाइल बिना किसी ठोस कारण के लंबित रखा गया। भर्ती प्रक्रिया व काउंसिलिंग में जान बूझकर देरी की गई। ईसीसीई एजुकेटर परीक्षा में शासन के आदेशों का पालन नहीं किया गया।
इन मामलों में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर डॉ. अजित सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। लखनऊ मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक को जांच अधिकारी नामित किया गया है।