ऑनलाइन पूजा करते विभिन्न राज्यों के लोग। एआई
लखनऊ। बदलते दौर में महाशिवरात्रि का पर्व अब मंदिरों के गर्भगृह से निकलकर मोबाइल की स्क्रीन तक पहुंच गया है। आज का युवा, चाहे वह उत्तराखंडी हो, बंगाली हो, गुजराती हो या बिहारी डिजिटल माध्यमों से शिव की भक्ति में लीन हो रहा है। शहर में रह रहे केदारनाथ की नगरी के लोग, सोमनाथ की नगरी के निवासियों और बाबा बैद्यनाथ धाम के लोग बताते हैं कि वीडियो कॉल के जरिये मीलों दूर बैठकर भी अपने शहर के मंदिराें का दर्शन कर रहे हैं। रील्स और शॉर्ट वीडियो में ''शिवत्व'': ''हर हर महादेव'' म्यूजिक के साथ भगवान शिव के दिव्य स्वरूपों वाली रील्स युवाओं के बीच ट्रेंड कर रही हैं। यह तकनीक के माध्यम से अपनी संस्कृति को सहेजने और उसे वैश्विक पहचान दिलाने का एक नया तरीका है।
उत्तराखंड महापरिषद महासचिव भरत सिंह बिष्ट बताते हैं कि समाज के युवा अपने संस्कृति और परंपरा से जुड़े रहने के लिए डिजिटल माध्यमों का सहारा ले रहे हैं। इसके जरिये कुमाऊं और गढ़वाल में शिवरात्रि पर होने वाले पारंपरिक जागरों में शामिल हो पा रहे हैं। लखनऊ में यह विशेष पूजा कर पाना संभव नहीं है। ऐसे में कई लोग संबंधितों के जरिये वीडियो कॉल के माध्यम से इसमें भाग ले रहे हैं।
मूल रूप से गुजरात की रहने वाली गोमतीनगर विस्तार निवासी प्रतिभा बताती हैं कि पलायन के कारण जो युवा अपनी मिट्टी से दूर हैं, उनके लिए तकनीक एक वरदान बनकर आई है। आज का युवा अपनी जड़ों से जुड़ा पा रहा है। मीलों दूर बैठकर वीडियो कॉल के जरिये सोमनाथ मंदिर की पूजा में भी शामिल हो रहे हैं। यह आधुनिकता और आध्यात्मिकता का सबसे सुंदर तालमेल है।
अखिल भारतीय भोजपुरी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रभुनाथ राय बताते हैं कि महाशिवरात्रि पर बहुत से पंडित बाबा वैद्यनाथ (बिहार) से ऑनलाइन पूजा करा रहे हैं। बिहार से पलायन कर चुके लोग एक साथ अलग-अलग शहरों से जुड़कर पूजा में शामिल हो रहे हैं। इसके लिए क्यूआर कोड या जूम का लिंक भेज देते हैं। इसमें सबसे अधिक युवा शामिल हो रहे हैं।
मूल रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली मीठू रॉय बताती हैं कि तारकेश्वर मंदिर (हुगली) और जल्पेश्वर शिव मंदिर का महाशिवरात्रि पर वीडियो कॉल के जरिये दर्शन कर पा रहे हैं। साथ ही, लगने वाले विशेष ''गजन'' उत्सव को देख पा रहे हैं। कई वर्ष पहले यह संभव नहीं था सिर्फ यादों में सिमटा था, लेकिन अब संंबंधितों के जरिये पूजा में भी शामिल हो पा रहे हैं।