लखनऊ। गोमतीनगर के विपुलखंड स्थित भागीदारी भवन में रविवार को विमुक्त जाति दिवस के अवसर पर लगाई गई हस्तशिल्प कला प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवलोकन किया। प्रदर्शनी में बलरामपुर की तारा चौधरी की प्रदर्शनी सबसे खास रही, जिनके स्टार्टअप ने 25 गांवों में रोजगार का दीप जलाया है।
डॉ. तारा चौधरी ने बताया कि सात साल पहले उन्होंने पीएचडी की उपाधि प्राप्त की थी। प्रोफेसर बनने का सपना था, लेकिन गांव की गरीबी देखकर उन्होंने अपना रास्ता बदल लिया। स्थानीय स्तर पर स्टार्टअप शुरू करने का निर्णय लिया और आज हस्तशिल्प कला के जरिये करीब 50 लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रही हैं।
लखनऊ के बीकेटी निवासी नवीन कुमार ने बताया कि उनके परिवार में मिट्टी के बर्तन बनाने का काम पीढ़ियों से चला आ रहा है। मिट्टी से मूर्तियां और विभिन्न प्रकार के बर्तन बनाने के इस पारंपरिक हुनर से अच्छी आमदनी होती है। काम को और व्यापक स्वरूप देने के लिए सरकार की ओर से मदद का आश्वासन भी मिला है।
विमुक्त जातियों की कला और संस्कृति की झलक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रदर्शनी अवलोकन के दौरान विमुक्त जातियों के लोगों ने अपनी कला, हस्तकला और प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के बाद समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण के सामने बीन और ढोल की थाप पर अपनी पारंपरिक संस्कृति व सभ्यता से लोगों को परिचित कराया।
प्रदर्शनी में अपनी मां के साथ डॉ. तारा चौधरी। स्रोत ः स्वयं
प्रदर्शनी में अपनी मां के साथ डॉ. तारा चौधरी। स्रोत ः स्वयं
प्रदर्शनी में अपनी मां के साथ डॉ. तारा चौधरी। स्रोत ः स्वयं
प्रदर्शनी में अपनी मां के साथ डॉ. तारा चौधरी। स्रोत ः स्वयं
प्रदर्शनी में अपनी मां के साथ डॉ. तारा चौधरी। स्रोत ः स्वयं