अपने साथ बैग लेकर विमान में यात्रा करने वाले यात्रियों पर और अधिक भार पड़ने वाला है।
विमान कंपनियां एक जून से यात्रियों को अपने साथ ले जाने वाले दस किलोग्राम भार के वजन को घटाकर सात किलोग्राम करने जा रही है। इससे अधिक वजन होने पर शुल्क अदा करना होगा।
चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से रोजाना दिल्ली, मुंबई और कोलकाता सहित अन्य शहरों के लिए 22 विमान से 4500 से अधिक यात्री उड़ान भरते हैं।
गो एयर सहित लो फेयर वाली सभी विमान कंपनियां यात्रियों से अपने साथ दस किलोग्राम तक के वजन के सामान को ले जाने के लिए कोई शुल्क नहीं लेती हैं।
जबकि इससे अधिक होने पर यात्रियों को 250 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से ओवरलोड चार्ज देना पड़ता था। यह चार्ज विमान कंपनियों के काउंटरों पर चेकइन करवाते समय देना पड़ता था।
पीक सीजन में पहले तो इन विमान कंपनियों ने अपने किराए में बेतहाशा वृद्धि की और अब हैंडलिंग बैग की वजन सीमा को घटाकर यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
सात किलोग्राम से अधिक वजन होने पर यात्रियों को 250 रुपये प्रति किलो की दर से ओवरलोड चार्ज देना होगा।
तीन किलोग्राम वजन के बदले विमान कंपनियां यात्रियों से 750 से 800 रुपये तक की अधिक वसूली करेंगी।
ऐसे में दिल्ली जाने वाले यात्रियों का खर्च 3200 की जगह न्यूनतम किराए सहित 4000 रुपये के बीच आएगा।
इसी तरह मुंबई जाने वाले यात्रियों को भी ओवरलोड चार्ज सहित 6200 की जगह न्यूनतम 7000 रुपये देना पड़ सकता है।
विमान कंपनी से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि दस किलोग्राम सामान की वजन सीमा घटाकर और अधिक कमाई करने के लिए यह निर्णय लिया गया है।