राज्य हज कमेटी के सचिव एसपी तिवारी ने बताया कि गाइडलाइन के मुताबिक एक शहर के हज यात्रियों को एक ही इमारत में ठहराए जाने को प्राथमिकता दी जाएगी। पति-पत्नी और करीबी रिश्तेदारों का कमरा अगल-बगल रखे जाने की बात कही गई है ताकि जरुरत पड़ने पर एक दूसरे की मदद हो सके। उन्होंने बताया कि बगैर महरम कैटेगरी में जाने वाली महिलाएं एक साथ ठहराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से कई व्यवहारिक समस्याओं को देखते हुए हज कमेटी ऑफ इंडिया को पत्र भेजा जाएगा। हालांकि अंतिम निर्णय सऊदी अरब सरकार को ही लेना है।
राज्य हज कमेटी के सचिव एसपी तिवारी ने बताया कि सऊदी अरब में दुनियां के तमाम देशों के महिला व पुरुष हज यात्री अलग-अलग कमरों में ठहराए जाते हैं। उन्होंने बताया कि भारत जाने वाले अधिकांश हज यात्री ज्यादा उम्र और कम पढ़े होते हैं। इसके मददेनजर सऊदी हुकूमत ने सिर्फ भारतीय महिला व पुरुष यात्रियों को एक साथ एक ही कमरे में ठहरने और किचन की छूट दी थी। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों की शिकायत थी कि एक कमरे में रहने से महिलाओं की बेपर्दगी होती है। उन्होंने बताया कि महिला और पुरुष हज यात्रियों को अलग-अलग कमरों में ठहराए जाने की कवायद बीते साल से चल रही है।