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हज यात्रा 2026: सऊदी हुकूमत का बड़ा फैसला, हज के दौरान एक ही कमरे में नहीं रह सकेंगे मियां और बीवी

Mon, 21 Jul 2025 08:25 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला, सिटी रिपोर्टर, लखनऊ

सार

Hajj pilgrimage 2026: सऊदी अरब सरकार ने हज यात्रा को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। हुकूमत के नए नियमों के अनुसार अब मियां और बीवी हज यात्रा के दौरान साथ नहीं रह सकेंगे। 
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हज यात्रा 2026 की तैयारी शुरू। - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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 सऊदी अरब में हज के दौरान पति-पत्नी एक साथ एक ही कमरे मे नही रह सकेंगे। इस बार महिला और पुरुष आजमीन को अलग-अलग कमरों में ठहराया जाएगा। सऊदी अरब सरकार ने महिला और पुरुष हज यात्रियों को एक ही कमरे में ठहराए जाने की व्यवस्था खत्म कर दी है। पुरुषों को महिला आजमीन के कमरों में जाने की भी अनुमति नही होगी।

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देश भर से हर साल करीब पौने दो लाख हज यात्री सऊदी अरब रवाना होते हैं। सऊदी अरब में हज यात्रियों को ठहराने के लिए हज कमेटी ऑफ इंडिया होटल व बिल्डिंग किराए पर लेती है। कमरों के साइज के मुताबिक एक ही राज्य के महिला व पुरुष हज यात्रियों का ग्रुप बनाकर एक ही कमरों में ठहराने की व्यवस्था रहती है। हज कमेटी ऑफ इंडिया ने हज 2026 की गाइडलाइन जारी कर बताया है कि सऊदी अरब सरकार ने महिला और पुरुष हज यात्रियों को एक साथ एक ही कमरे में ठहराने की व्यवस्था खत्म कर दी है। सऊदी सरकार के नियम के मुताबिक पुरुष आजमीन को महिला आजमीन के कमरों में प्रवेश की भी अनुमति नहीं मिलेगी।

करीबी रिश्तेदारों को मिलेंगे अगल-बगल के कमरें

राज्य हज कमेटी के सचिव एसपी तिवारी ने बताया कि गाइडलाइन के मुताबिक एक शहर के हज यात्रियों को एक ही इमारत में ठहराए जाने को प्राथमिकता दी जाएगी। पति-पत्नी और करीबी रिश्तेदारों का कमरा अगल-बगल रखे जाने की बात कही गई है ताकि जरुरत पड़ने पर एक दूसरे की मदद हो सके। उन्होंने बताया कि बगैर महरम कैटेगरी में जाने वाली महिलाएं एक साथ ठहराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से कई व्यवहारिक समस्याओं को देखते हुए हज कमेटी ऑफ इंडिया को पत्र भेजा जाएगा। हालांकि अंतिम निर्णय सऊदी अरब सरकार को ही लेना है।
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अकेले भारतीय हज यात्रियों को एक साथ ठहराने की मिली थी छूट

राज्य हज कमेटी के सचिव एसपी तिवारी ने बताया कि सऊदी अरब में दुनियां के तमाम देशों के महिला व पुरुष हज यात्री अलग-अलग कमरों में ठहराए जाते हैं। उन्होंने बताया कि भारत जाने वाले अधिकांश हज यात्री ज्यादा उम्र और कम पढ़े होते हैं। इसके मददेनजर सऊदी हुकूमत ने सिर्फ भारतीय महिला व पुरुष यात्रियों को एक साथ एक ही कमरे में ठहरने और किचन की छूट दी थी। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों की शिकायत थी कि एक कमरे में रहने से महिलाओं की बेपर्दगी होती है। उन्होंने बताया कि महिला और पुरुष हज यात्रियों को अलग-अलग कमरों में ठहराए जाने की कवायद बीते साल से चल रही है।
 
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