बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे हाजी महबूब अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट से आए फैसले के विरोध में रिव्यू याचिका डालने जा रहे हैं । उन्होंने अमर उजाला को बताया कि वह मंदिर के पक्ष में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ रिव्यू याचिका में शामिल होंगे।
बताते चलें कि हाजी महबूब ने पहले यह कहा था कि अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट से जो निर्णय आएगा हम सभी उसका सम्मान करेंगे और मानेंगे लेकिन अब ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के सदस्यों के साथ हो गए हैं । हाजी महबूब ने बताया कि बोर्ड के लोगों ने साथ आने को कहा तो हम राजी हो गए हैं।
इससे पहले 17 नवंबर को मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक हुई, जिसमें फैसला लिया गया कि बोर्ड पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगा। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद लखनऊ में हुई मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक के निर्णय से सरोकार रखने वाले अयोध्या के मुस्लिम पक्षकारों ने कहा कि हक के लिए पुनर्विचार याचिका दायर करना जरूरी है।
सुप्रीम कोर्ट ने खुद यह माना है कि साल 1856 से लेकर 1949 तक यहां नमाज अदा की जाती रही है। साथ ही मंदिर तोड़कर मस्जिद नहीं बनाई गई थी और मूर्ति रखे जाने की घटना गलत थी।