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हज हाउस में इस बार नहीं रहेगा मेले जैसा माहौल

Thu, 05 Sep 2013 09:59 PM IST
टीम डिजिटल/लखनऊ
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हज यात्रा की अधूरी तैयारियों के बीच राज्य हज कमेटी ने बृहस्पतिवार को सरोजनीनगर स्थित हज हाउस में बैठक आयोजित कर कर्मचारियों को दिशा-निर्देश दिए। साथ ही कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
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हिदायत दी गई सात सितंबर को सुबह से हज अधिकारी व कर्मचारी हज हाउस में मौजूद रहेंगे। अधिकारियों कहा कि हज यात्रियों को कोई समस्या न होने दी जाए। उनके खाने व नाश्ते के इंतजाम के अलावा उनके आने-जाने पर कोई समस्या न आए।

हज सचिव अबरार अहमद ने कहा कि इस बार हज हाउस के बाहर मेला जैसा माहौल नहीं होना चाहिए। प्रत्येक हज यात्री के साथ एक ही खिदमतगार को अंदर आने की अनुमति दी जाए।
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इसके लिए हज यात्रियों को भी सूचित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण का काम सात सितंबर से शुरू होगा। उन्होंने सभी कर्मचारियों से सात सितंबर से ड्यूटी संभालने के निर्देश भी दिए।

मेनिनजाइटिस के टीके की मांग
राज्य हज कमेटी के मुताबिक, अल्पसंख्यक कल्याण व हज मंत्री मोहम्मद आजम खां ने केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद व गुलाम नबी आजाद को पत्र लिखकर प्रदेश के 50 फीसदी हज यात्रियों के लिए टीके की मांग की है।

हज अधिकारी ने बताया कि हज मंत्री ने पत्र में केंद्रीय मंत्री से टीके की शेष खुराक सात सितंबर से पहले मांगी है। उनका कहना कि सात सितंबर से हज यात्रियों की उड़ान शुरू होनी और हज यात्रियों की रवानगी बिना टीके लगे संभव नहीं है।

हज सेवक के बिना फिर हज यात्रा
हाजियों का कहना कि यात्रा के दौरान हज सेवक न होने से परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हज यात्रा कर चुके नक्खास के आयान बताते हैं कि हज यात्रा के दौरान कोई घटना घट जाए तो किसे बताएं यह तक जानकारी हज यात्रियों को नहीं होती।

वहीं, सऊदी अरब के खादिम हमारी भाषा भी समझ नहीं पाते। जिससे काफी परेशानी होती है। मौलवीगंज के इकबाल बताते हैं कि हज सेवक से काफी सहारा रहता था।

वह कई साल पहले हज पर गए थे तो हज से संबंधित बहुत सारी जानकारी हज सेवक से मिल जाती थी, लेकिन अब हज सेवक के बिना यात्रा में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

वे बताते हैं कि पिछले साल उनका बेटा व बहू हज पर गए थे। सऊदी एयरपोर्ट पहुंचने के बाद उन्हें काफी परेशानी का समाना करना पड़ा। वहीं, आले रजा बताते हैं कि हज सेवकों से हज यात्रियों को सहारा मिलता है। पिछले साल बिना हज सेवक के काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।
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