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‘विहिप की छोड़िए, सच्चे हिंदू आस्थावान नकारें आसाराम’

Thu, 05 Sep 2013 09:33 PM IST
टीम डिजिटल/लखनऊ
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‘आसाराम जैसे लोग काले धन से पलते हैं, काले धन वाले अपराधियों को बचाव करते हैं लेकिन गरीबों से कहते कि वे अपनी खराब किस्मत की वजह से गरीब हैं। फिर इन भोलेभाले लोगों को ठगते हैं, उनकी महिलाओं के उत्पीड़क बन जाते हैं।जब सजा मिलती है तो विश्व हिंदू परिषद जैसे संगठन उसे धर्म पर हमला बताते हैं। अब यह हिंदू धर्म के सच्चे अनुयायियों की जिम्मेदारी हो गई है कि वे आगे आएं और इन सबके खिलाफ अपनी आवाज मुखर करें।’
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राज्यसभा सांसद और एडवा की संरक्षिका वृंदा करात दुराचार के आरोपों के चलते जेल में डाले गए आसाराम और विहिप पर गुरुवार को लखनऊ में जमकर बरसीं। वे यहां एडवा के नवें राज्य सम्मेलन का हिस्सा बनने आईं थीं।

इस मौके पर हुई बातचीत में वृंदा करात ने कहा कि एक तरफ आसाराम भोलेभाले लोगों को अंधआस्था में जकड़े हुए उत्पीड़ित कर रहा है तो दूसरी तरफ विहिप उसका समर्थन करके बता रही है कि वह मानसिक तौर पर दिवालिया हो चुकी है।
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वृंदा ने विहिप के नेताओं को मानसिक बीमारी से ग्रस्त बताया और कहा कि उनके बयानों और आसाराम को समर्थन की सख्त निंदा होनी चाहिए। कोई भी धर्म गुरु हो, अगर वे अंध भक्ति का फायदा उठाकर कुछ गलत करते हैं तो उन्हें दोगुनी सजा देने की जरूरत है।

विहिप या जो भी कोई उनका समर्थन करते हैं, जनता खुद उन्हें नकारें। हम भारतीयों को अपनी महिलाओं, बेटियों से यह वादा करना होगा कि वे अंध भक्ति के नाम पर उनके सम्मान से कोई समझौता नहीं होने देंगे।

वहीं वृंदा ने कहा कि केंद्र सरकार की कमजोरी से कट्टरपंथी मजबूत हो रहे हैं। विहिप जानती है कि यूपीए कमजोर है इसलिए इतने खुले तौर पर आसाराम का बचाव कर रही है।

शाहजहांपुर में पीड़ित परिवार पर जबरदस्त दबाव डाला जा रहा है कि वे मामला वापस ले लें। ऐसे में सभी की उत्तर प्रदेश से अपेक्षा बढ़ गई है कि वे इस परिवार को मदद मुहैया करवाए और सुरक्षा की गारंटी ले।

उन्होंने केंद्र को महिलाओं की सुरक्षा में विफल बताया और कहा कि निर्भया फंड में 1 हजार करोड़ रुपए जुटाने की बात कही गई थी, लेकिन 9 महीने बाद भी एक पैसा नहीं दिया गया है। बीते एक साल में भारत में 24 हजार लड़कियों से दुराचार हुआ, यह तो केवल वह आंकड़ा है जो रिपोर्ट हुआ।

उप्र न दे अपराधियों को संरक्षण
वृंदा ने इस दौरान कहा कि उत्तर प्रदेश में अपराधियों को सरकारी संरक्षण देने का रिवाज जैसा रहा है। कोई भी राजनीतिक दल हो, अपराधियों को बचाया जाता है।

यह मेरी प्रदेश सरकार से अपेक्षा है कि वे महिलाओं पर जुल्म कर रहे अपराधियों पर सख्ती करे और इन मामलों में गतिशीलता दिखाए।

अगर अपराधियों को सरकार बचाएगी तो आम जनता का मनोबल और सरकारी तंत्र में विश्वास बुरी तरह गिर जाता है। दूसरी ओर उन्होंने कैप्टन लक्ष्मी सहगल के योगदानों को आदर प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रदेश में उनके कामों को आगे बढ़ाने की जरूरत है।
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