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जंक फूड से बढ़ रहीं बालों की समस्याएं

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लखनऊ। सिर में बाल घने और काले होने पर चेहरे की सुंदरता में निखार आता है। बालों को खूबसूरती का अहम हिस्सा माना जाता है। बढ़ती उम्र के साथ-साथ बालों का झड़ना और सफेद होना एक सामान्य प्रक्रिया है। वहीं असमय बाल सफेद हो जाने या झड़ जाने से व्यक्ति अपनी असल उम्र से बड़ा दिखने लगता है और उसका व्यक्तित्व व आत्मविश्वास भी प्रभावित होता है। इन दिनों बच्चों तक के बाल सफेद नजर आने लगे हैं। आयुर्वेद कहता है कि जंक फूड का सेवन इसका प्रमुख कारण है। आइए जानते हैं इस बारे में क्या कहते हैं वरिष्ठ आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. शिव शंकर त्रिपाठी।
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बालों की समस्याओं के कई कारण
सफेद होते बालों की समस्या विकराल होती जा रही है। अनियमित खानपान, कुपोषण, प्रदूषण, मिलावटी खाद्य पदार्थों का सेवन, जंक और फास्ट फूड का सेवन इसका एक प्रमुख कारण है। इसके अलावा धूम्रपान और अन्य नशीले पदार्थोें का सेवन, चिंता, शोक, भय, क्रोध व मानसिक तनाव से ग्रस्त होना, शरीर में हार्मोंस का अनियमित होना, कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट के कारण, थायराइड, खून की कमी, गर्भावस्था तथा कैंसर रोधी औषधियों के प्रयोग से और सिर की त्वचा (स्काल्प) में फंगस या बैक्टीरिया के संक्रमण से किसी भी उम्र में सिर के बाल झड़ जाते हैं और सफेद होने लगते हैं।
शीर्षासन करने से भी बालों को फायदा
पोषण के लिए हरी सब्जियां, मौसमी फल, आंवला, अलसी के बीज, मेथी के बीज, लहसुन, नारियल, बादाम या मूंगफली, दूध, दही, गोघृत (गाय का घी), शुद्ध सरसों तेल को भोजन में पर्याप्त मात्रा में शामिल करें। भोजन करने का समय निश्चित करें और रात में 10 बजे से सोने व प्रात: 6 बजे के पहले जागने का प्रयास करना चाहिए। सुबह खाली पेट 2 गिलास गुनगुना पानी लें और पार्क या खुले स्थान पर लगभग 40 मिनट टहलें। आवश्यक योगाभ्यास व प्राणायाम भी करना चाहिए। बालों को दुरुस्त रखने के लिए शीर्षासन, सर्वांगासन, उष्ट्रासन, पवनमुक्तासन, तथा कपाल भांति, भस्त्रिका एवं अनुलोम विलोम, प्राणायाम लाभकारी हैं। अधिक धूप व जाड़े में सिर को ढक कर रखें।
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इन उपायों से होगा फायदा
सप्ताह में कम से कम 2 बार सिर में तेल की मालिश करनी चाहिए। रीठा, आंवला, शिकाकाई व भृंगराज के चूर्ण को समान मात्रा में लेकर उसको चार गुने पानी में उबाल लें जब चौथाई शेष बचे तो ठंडा होने पर उसका लेप सिर पर लगाकर बाल धोने से बाल घने, लंबे, मुलायम व चमकदार हो जाते हैं। इसको सप्ताह में दो बार प्रयोग करना पर्याप्त रहता है। सिर में यदि रूसी (डैन्ड्रफ) है तो खट्टा दही, नींबू का रस, नीम के पत्ते का रस और सुहागे की खील मिलाकर सिर की चमड़ी पर लगाने से आराम होता है। जिनके बाल सफेद हो रहे हों तो वे केमिकल युक्त डाई का प्रयोग न कर मेंहदी की पत्तियों का चूर्ण, मेथी के बीज का चूर्ण, भृृंगराज चूर्ण के मिश्रण को गुनगुने पानी में पेस्ट बनाकर उसे 30 से 40 मिनट के बाद सिर पर जड़ से लेकर पूरे बालों में लेप लगाकर एक घंटे के लिए छोड़ दें, फिर सिर को धो लें। सिर पर कोई भी कृत्रिम सुगंध वाला तेल नहीं लगाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि आयुर्वेद शास्त्रों में वर्णित भृंगराज एवं महाभृंगराज तेल सबसे उपयुक्त तेल हैं जो बालों की किसी भी समस्या को ठीक करते हैं, बशर्तें वह सही ढंग से शास्त्र के अनुसार बनाए गए हों।
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