फैजुल्लागंज में कंट्रोल रूम के पास मौजूद कर्मचारी से राशन के बारे में जानकारी लेते लोग।
लखनऊ। चार दिन से आ रही हूं। पानी से होकर आना पड़ता है। शिकायत दर्ज है। आधार भी लाई हूं...अब तो राशन दे दीजिए। यह कहकर बाढ़ प्रभावित दाउदनगर निवासी अनीशा ने आधार कार्ड कंट्रोल रूम में मौजूद कर्मचारी की ओर बढ़ा दिया। मगर उन्हें निराशा ही हाथ लगी। अनीशा की तरह कई अन्य महिलाएं और पुरुष राशन के लिए परेशान दिखे। किसी ने दो दिन तो कोई तीन दिन पहले शिकायत दर्ज कराने की बात कह रहा था। कर्मचारी और अफसरों से गुहार के बाद भी इन्हें मायूसी ही मिली।
बृहस्पतिवार की दोपहर 1:35 बजे फैजुल्लागंज में कंट्रोल रूम के पास कई महिलाएं खड़ी थीं। बताया कि वे लोग कैलाश विहार, दाउदनगर, मामा कालोनी से आई हैं। घरों में अभी पानी भरा है। उन्हें अब तक राशन नहीं मिला। दाउदनगर की ओर नाव भी मुश्किल से जा रही हैं। रामकुमारी ने बताया कि उन्होंने तीन दिन पहले कंट्रोल रूम में शिकायत दर्ज कराई थी। राशन अब तक नहीं मिला। यहां से वहां दौड़ाया जा रहा है। रेनू और मालती ने भी कई दिन पहले शिकायत करने के बावजूद राशन नहीं मिलने की बात कही।
दो घंटे इंतजार, मिली मायूसी
दाउदनगर की मनीषा ने बताया कि वह दो घंटे से इंतजार कर रही हैं लेकिन कोई यह बताने को तैयार नहीं है कि राशन कब मिलेगा। शिव कुमारी और कस्मीना भी आधार कार्ड दिखाकर राशन मांग रही थीं। कस्मीना ने बताया कि वह दो दिन से चक्कर लगा रही हैं। राशन लेने पहुंचे सत्यनारायण ने बताया कि उनके घर में अब भी करीब दो फीट पानी भरा है। कई लोगों को राशन मिल चुका है लेकिन शिकायत करने के बाद भी उन्हें राशन नहीं मिला।
पानी घटा, पीछे छूटे बर्बादी के निशान
मामा चौराहा, गणेश विहार और दाउदनगर समेत आसपास के इलाकों में करीब 16 दिनों से भरा गोमती का पानी तेजी से उतर रहा है। मुख्य सड़क के कुछ हिस्सों में अब नाममात्र का पानी बचा है लेकिन मोहल्लों की गलियों में अब भी दो से तीन फीट तक जलभराव है। मामा कॉलोनी निवासी विनीत और अमित ने बताया कि वे करीब तीन फीट पानी से होकर कंट्रोल रूम पहुंचे। ज्यादातर घरों से पानी निकल चुका है लेकिन इसके साथ ही नुकसान की तस्वीर सामने आने लगी है। कई घरों में फर्नीचर, फर्श और पानी की बोरिंग को नुकसान पहुंचा है। पानी उतरने के बाद अब प्रभावित परिवारों के सामने घरों की मरम्मत और जरूरी सामान जुटाने की चुनौती है।