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साहिबजादा दिवस: मुख्यमंत्री आवास पर गूंजे गुरुवाणी कीर्तन, योगी बोले- भक्ति व शक्ति का संगम है सिख परंपरा

Mon, 27 Dec 2021 01:49 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सिख कौम पुरुषार्थ की पहचान है। भारत का जो इस्लामीकरण करने आए वो मिट गए पर शक्ति व भक्ति की दिव्य परंपरा अब भी कायम है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सरकारी आवास पर साहिब श्री गुरु गोविंद सिंह के 4 साहिबजादों एवं माता गुजरी जी की शहादत को समर्पित साहिबजादा दिवस पर गुरुवाणी कीर्तन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह व लखनऊ की मेयर संयुक्ता भाटिया शामिल हुईं।

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इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सिख परंपरा शक्ति और भक्ति का अद्भुत संगम है। मुझे श्री गुरुनानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव पर निकली कीर्तन यात्रा का पाठ करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है। सिख कौम अपने पुरषार्थ के लिए जानी जाती है। यह एक सामान्य परंपरा नहीं दिव्य परंपरा है। भारत के इस्लामीकरण के लिए जो आए वो मिट गए पर यह परंपरा आज भी कायम है।



मिट गए भारत को इस्लाम में बदलने वाले
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत को इस्लाम में बदलने की मंशा से आए आतताइयों का नाम-ओ-निशान मिट गया। सिख गुरु परंपरा ने भारत में विदेशी आतताइयों की सनातन धर्म विरोधी मंशा को सफल नहीं होने दिया। सिख परंपरा गुरुनानक देव से गुरु गोबिंद सिंह तक भक्ति से शक्ति का अद्भुत संगम है। यह देश, धर्म, और संस्कृति के लिए सर्वस्व अर्पित करने के लिए नए भारत की महान प्रेरणा भी है। वे सोमवार को सीएम आवास पर आयोजित पवित्र साहिबजादा दिवस कार्यक्रम में बोल रहे थे।
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गुरु गोबिंद सिंह के चार पुत्रों एवं माता गुजरी देवी की शहादत को समर्पित साहिबजादा दिवस कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि सिख पंथ अपने पुरुषार्थ के लिए जाना जाता है। यह सर्वविदित है कि कश्मीर से हिंदुओं व पंडितों को भगाने वाले कौन थे। लेकिन गुलाम देश में कश्मीरी पंडितों की रक्षा करने वाले गुरु तेग बहादुर महाराज थे। देश का इतिहास साक्षी है कि एक तरफ  औरंगजेब ने श्रीकाशी विश्वनाथ धाम का मंदिर तोड़ा था। वहीं, दूसरी तरफ  महाराजा रणजीत सिंह विश्वनाथ मंदिर को स्वर्ण मंडित करते हैं।

उन्होंने कहा कि अपने इतिहास को भुलाकर कोई भी अपने उज्ज्वल भविष्य को आगे नहीं बढ़ा सकता। इसलिए यह तय करना होगा कि हमें औरंगजेब का सम्मान करना है या महाराजा रणजीत सिंह का। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख सहित सिख समाज के कई लोग शामिल हुए।

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