महिला और उसकी बेटी से रेप व यौन शोषण के आरोपी कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के गनर हेड कांस्टेबल चंद्रपाल को सोमवार दोपहर पुलिस ने दबोच लिया।
दोपहर करीब तीन बजे रेप केस की विवेचना कर रही सीओ आलमबाग अमिता सिंह ने चंद्रपाल को पकड़कर गौतमपल्ली पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
सीओ ने बताया कि उरई के मोहल्ला बघौरा निवासी हेड कांस्टेबल चंद्रपाल यहां मड़ियांव थाना क्षेत्र के जानकीपुरम सेक्टर ए सीतापुर रोड योजना में रहता है। उसकी वर्तमान तैनाती सुरक्षा मुख्यालय में है। चंद्रपाल 2013 से गायत्री के साथ बतौर गनर तैनात था।
उसके पास से सरकारी पिस्टल बरामद की गई है। पूछताछ में चंद्रपाल ने बताया कि अमेठी में 27 फरवरी को मतदान के बाद शाम करीब सात बजे गायत्री ने उसे खुद ही चले जाने को कहा था।
बता दें कि प्रजापति का गनर भी गैंगरेप में आरोपी है। यूपी के कैबिनेट मंत्री और सपा से अमेठी के प्रत्याशी गायत्री प्रजापति पर एक महिला के साथ सामूहिक दुषकर्म और उसकी बेटी के साथ छेड़छाड़ का आरोप है। पीड़िता का आरोप है कि गायत्री ने अपने साथी अशोक तिवारी से उसे अपने आवास पर बुलाया और हमीरपुर में बालू के खनन का काम देने के लिए कहा। इस दौरान चाय मंगाई, जिसमें नशीला पदार्थ मिला था, उसे पिला दिया।
महिला का आरोप है कि उसके बेहोश होने के बाद गायत्री के अलावा वहां मौजूद अशोक तिवारी, पिंटू सिंह, विकास वर्मा, गनर चंद्रपाल, रूपेश और आशीष शुक्ला ने मिलकर उसके साथ दुष्कर्म किया। दुष्कर्म के दौरान इन लोगों ने कैमरे से फोटो भी खींची।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी का आदेश दिया था इसके बाद गायत्री अपने सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गए। गायत्री का मोबाइल स्विचऑफ था और उनके सुरक्षाकर्मियों के मोबाइल फोन भी बंद थे।
आज पुलिस ने गनर को दबोच लिया। वहीं दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी गिरफ्तारी पर रोक की अर्जी को खारिज कर दिया है।