गुड़ के लड्डू, चॉकलेट और क्यूब आदि विभिन्न उत्पाद तैयार करने वाले उत्पादक इस महोत्सव को लेकर काफी उत्साहित दिखे। राजहर, शामली से आए तैय्यब अंसारी कहते हैं कि हम यहां लोगों को गुड़ बेचने नहीं, बल्कि उसका स्वाद चखाने आए हैं। ताकि, वे जान सकें कि गुड़ के बेहतर से बेहतर उपलब्ध सूक्ष्म एवं लघु क्षेत्र में तय हो सकते हैं।
तैय्यब बरसों से इस व्यवसाय में हैं, पर वह कहते हैं कि इतना ज्यादा प्रोत्साहन पहली बार देखने को मिला। बिजनौर से चंदपुर के सुरेश चंद गुप्ता कहते हैं कि उनका खांडसारी का लाइसेंस 2001-02 का है। उत्पाद के प्रचार का अवसर मिलेगा तो कारोबार को कई गुना बढ़ाने का मौका मिलेगा। मुजफ्फरनगर के घोपा गांव के अभिजीत कहते हैं कि उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि एक दिन इस तरह से लखनऊ के भीतर अपने उत्पाद के प्रदर्शन का मौका मिलेगा।